जज व पटवारी सब पर विजिलेंस पड़ी भारी

जज हो या पटवारी सब पर विजिलेंस मंडी की टीम भारी पड़ी है। पांच साल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को दबोच कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है।

JagranPublish:Wed, 08 Dec 2021 09:40 PM (IST) Updated:Wed, 08 Dec 2021 09:40 PM (IST)
जज व पटवारी सब पर विजिलेंस पड़ी भारी
जज व पटवारी सब पर विजिलेंस पड़ी भारी

जागरण संवाददाता, मंडी : जज हो या पटवारी सब पर विजिलेंस मंडी की टीम भारी पड़ी है। पांच साल में विजिलेंस ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को दबोच कर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का प्रयास किया है। चार साल पहले सुंदरनगर में एक जज को कारोबारी से 40 हजार रुपये की रिश्वत के साथ विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा था। जांच में रिश्वत के आरोप सही पाए जाने पर जज को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। राशन फर्जीवाडे़ का पर्दाफाश कर विजिलेंस ने 37 लाख की रिकवरी करवाई थी।

बल्ह हलके के एक डिपो में मृतकों के नाम राशन वितरित होने की शिकायत तीन साल पहले विजिलेंस के पास आई थी। विजिलेंस ने जब रिकार्ड खंगालना शुरू किया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सैकड़ों लोग ऐसे थे, जो उच्च पदों पर बैठे थे और राशन बीपीएल श्रेणी का ले रहे थे। विजिलेंस ने इन पर शिकंजा कसा तो वे जमानत के लिए उच्च न्यायालय तक पहुंचे। उच्च न्यायालय ने राशन फर्जीवाड़े को लेकर सभी जिलों में मामले दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आरोपितों से रिकवरी शुरू हुई थी। जोनल अस्पताल मंडी में खाद्य लाइसेंस बनवाने के नाम पर काफी समय से गड़बड़झाला हो रहा था। कारोबारियों से पैसे लेने के बाद उन्हें फर्जी रसीद दी जा रही थीं। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने मामले की जांच की तो सहायक आयुक्त स्तर के अधिकारी की मिलीभगत सामने आई थी। विभाग ने सहायक आयुक्त को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच बिठाई थी। पिछले माह विजिलेंस ने वाहनों की पासिग की एवज में उगाही करने के आरोप में एक एमवीआइ व दो एजेंट को 1.13 लाख रुपये के साथ रंगे हाथ दबोचा था। इसके अलावा विजिलेंस कई पटवारियों व अधिकारियों को दबोच कर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का प्रयास कर चुकी है। विजिलेंस सूचना मिलने पर कार्रवाई करती है। अब तक भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर किए गए हैं। लोगों से आग्रह है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत विजिलेंस को सूचना दें।

-राहुल नाथ, पुलिस अधीक्षक, विजिलेंस मंडी