कुल्लू में निगम की बसों में पांव रखने तक जगह नहीं मिली

संवाद सहयोगी, कुल्लू : जिला कुल्लू में मंगलवार को दूसरे दिन भी निजी बसों की हड़ताल से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग अपने घरों से तभी बाहर निकले जब रूट पर सरकारी बसों का समय था। एचआरटीसी कुल्लू ने भी 55 रूटों पर अपनी सरकारी बसें भेजी जिसमें ज्यादातर कुल्लू भुंतर, कुल्लू-मनाली, मणिकर्ण, बंजार में चलाई गई। सरकारी बसों में बहुत ज्यादा भीड़ थी। एचआरटीसी की हर बस में ओवरलोडिंग थी। निजी बस ऑपरेटर कुल्लू यूनियन के प्रधान रजत जम्वाल ने बताया कि निजी बसों की हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करती। निजी बस ऑपरेटर किरया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यह मांग जायज है। उधर परिवहन निगम कुल्लू जो सबसे कमाऊ डिपो में शामिल है वह लोगों को बेहतर सुविधा देने में नाकाम साबित हुआ है। जरूरत से अधिक कुल्लू मनाली में इलेक्ट्रिक बसें खड़ी हैं जिन्हें ऐसी मुसीबत के समय में भी नहीं चलाया गया। 25 इलेक्ट्रिक बसें कुल्लू में खड़ी हैं जो अभी भी खड़ी ही हैं। इन्हें चलाने के लिए न तो चालक और न ही चार्जिंग स्टेशन है ऐसे में परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। उधर आरएम कुल्लू डीके नारंग ने बताया कुल्लू जिला में लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 20 अतिरिक्त बसें भी चलाई गई जिन्होंने करीब 55 के करीब चक्कर लगाए।

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