मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 05:17 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, मंडी : केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर मंडी के सेरी चानणी पर सीटू व अन्य संगठनों ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।

सीटू के जिला महासचिव राजेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूर विरोधी फैसले ले रही है। श्रम कानूनों को बदलकर श्रम संहिताओं में लाया जा रहा है। इससे देश में मजदूरों की स्थिति अधिक दयनीय होती जा रही है। महामारी फैलने से मजदूरों की हालत और खराब हुई है। नई नीतियों में श्रम कानूनों में आठ के बजाय 12 घंटे काम लेना, मनरेगा मजदूरों को काम न देना, जब चाहे छंटनी कर देना व ईपी एफ सुविधा छीनना आदि शामिल है। इस मौके पर सुरेंद्र कुमार, गोपिद्र कुमार, मनी राम आदि मौजूद थे।

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कुल्लू में उपायुक्त कार्यालय के बाहर की नारेबाजी

संवाद सहयोगी, कुल्लू : कुल्लू में सीटू कार्यालय से सैकडों मजदूरों ने रैली निकाली और उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त समन्वय समिति के संयोजक राजेश ठाकुर ने बताया कि श्रम कानूनों में किए गए बदलाव मजदूर विरोधी हैं। इससे देश के करीब 73 प्रतिशत मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। श्रम कानूनों में बदलाव उद्योगपतियों, पूंजीपतियों व ठेकेदारों के हित में है और इससे मजदूरों का शोषण बढे़गा। सरकार से मांग की गई कि श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों पर रोक लगाई जाए। सीटू के जिलाध्यक्ष सर चंद ठाकुर, इंटक के जिलाध्यक्ष खीमी राम चौहान, सीटू के जिलाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी, खेतिहर मजदूर यूनियन इंटक अध्यक्ष चंद्र वल्लभ नेगी ने भी मजदूरों को संबोधित किया। इस मौके पर राजेंद्र, संगत राम, चमन लाल, उत्तम ठाकुर, पवन कुमार, प्रवीण कुमार, चुनी लाल, रामेंद्र शर्मा, अमित कुमार आदि उपस्थित रहे।

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