सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों का सरकारी अस्पताल से किनारा

सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों का सरकारी अस्पताल से किनारा

जोगेंद्रनगर उपमंडल में कोरोना के बढ़ते खौफ के बीच उपमंडलीय अस्पताल में सर्दी खांसी और तेज बुखार के मरीजों की ओपीडी कम हुई है लेकिन इसी बीच उपमंडल के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी खांसी के मरीजों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

JagranFri, 14 May 2021 04:30 AM (IST)

संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर : जोगेंद्रनगर उपमंडल में कोरोना के बढ़ते खौफ के बीच उपमंडलीय अस्पताल में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के मरीजों की ओपीडी कम हुई है लेकिन इसी बीच उपमंडल के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, खांसी के मरीजों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अस्पताल के मुख्य द्वार पर फ्लू कार्नर शुरू हो जाने के बाद अब मरीज तेज बुखार के लक्षणों को भी अनदेखा कर रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण के फैलाव की आशंका भी बढ़ती जा रही है।

सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों के बिना परामर्श उपचार हासिल कर होम आइसोलेट मरीज आने वाले समय में प्रशासन और सरकार के लिए भी सिरदर्द बनेंगे। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभी से सतर्कता बरतते हुए फर्जी चिकित्सकों पर शिकंजा कसना होगा। जोगेंद्रनगर कोरोना को लेकर हाट स्पॉट घोषित हो चुका है। कोविड की दूसरी लहर उपमंडल के लिए काल बनकर आई है। महज दो माह में ही 1500 मरीज कोरोना संक्रमण के पाए गए हैं। बावजूद इसके अस्पताल में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के मरीजों के उपचार के लिए उदासीनता क्षेत्र के लिए बेहद नुकसानदायी साबित हो सकती है। वीरवार को लांगणा निवासी एक और महिला की नेरचौक मेडिकल में मौत होने के बाद मृतकों की संख्या 15 पहुंची है। कुल 1460 संक्रमित मरीज दो माह में दर्ज हो चुके हैं। 673 एक्टिव मरीज होम आइसोलेशन में हैं।

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सरी, जटेहड़ के साथ कुल सात कंटेनमेंट जोन में 100 संक्रमित।

जोगेंद्रनगर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के कहर को देखते हुए बाग पंचायत के जटेहड़ और कंधार पंचायत के सरी गांव को भी कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इससे पहले भराडू, छाणंग, बसालन, उटपूर और बनवार को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका है। प्रशासन द्वारा चिन्हित सात कंटेनमेंट जोना में 100 संक्रमण के मामले पाए गए हैं। जहां पर आवश्यक सेवाओं के अलावा अन्य सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

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जोगेंद्रनगर अस्पताल में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के मरीजों की जांच के लिए फ्लू कॉर्नर स्थापित किया गया है लेकिन कोरोना खौफ के चलते यहां पर मरीजों की संख्या नाकाफी है। चिकित्सकों के बिना परामर्श से उपचार और दवा हासिल करना आने वाले समय में कोरोना संक्रमण के फैलाव का कारण बन सकता है।

डा. रोशन लाल कौंडल, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी नागरिक अस्पताल जोगेंद्रनगर।

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