कोरोना से लड़ने के लिए बनेंगी आयुर्वेदिक दवाएं

कोरोना से लड़ने के लिए बनेंगी आयुर्वेदिक दवाएं

संवाद सहयोगी जोगेंद्रनगर कोरोना काल में बढ़ी मांग के बाद जोगेंद्रनगर स्थित आयुर्वेदिक फ

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 08:23 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर : कोरोना काल में बढ़ी मांग के बाद जोगेंद्रनगर स्थित आयुर्वेदिक फार्मेसी में 13 प्रकार की दवाएं बनेंगी। इसके लिए मंगलवार को विभाग के दो उपनिदेशकों ने फार्मेसी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले यहां पर 3600 किलो काढ़ा बनाकर प्रदेश में भेजा था। वहीं काढ़े के सात लाख और पैकेट बनाए जाने हैं।

राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी में आयुर्वेदिक काढ़े के निर्माण के साथ अन्य महत्वपूर्ण दवाओं का उत्पादन भी शुरू हो गया। इसके लिए फार्मेसी के केंद्रीय भंडारण में कच्चे माल की खेप पहुंची गई है। वर्तमान में कुल 13 दवाओं का निर्माण होगा। इनमें छह दवाएं प्रदेश की आयुर्वेदिक फार्मेसी को भेजी जा जाएंगी। वहीं सर्पगंधा मिश्रण का निर्माण भी जोरों पर है। इसके अलावा त्रिफला चूर्ण, चंद्र प्रभावटी, आरोग्य वर्धन वटी, मधुयष्टीयादि कषाय औषधियों और जड़ी बूटियों से निर्मित दवाएं तैयार होती रही हैं। अब तक फार्मेसी से कोरोना वॉरियर्स और संक्रमित मरीजों के लिए 3600 किलो काढ़ा 47 हजार पैकेट के माध्यम से बांटा गया है।

प्रदेश की 1200 आयुर्वेदिक फार्मेसी और तीस बड़े आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति करने वाली इस फार्मेसी में पहले कच्चे माल की आपूर्ति वर्षो तक नहीं हो पाई। कोरोना काल में आयुर्वेद की महत्ता को देख यहां दवा निर्माण ने गति पकड़ी है।

फार्मेसी में विकसित होगी नई मशीनरी

प्रदेश आयुर्वेद विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. श्याम सुंदर और डा. जोशी की अगुआई में फार्मेसी में कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण और मशीनरी की जानकारी ली गई। उन्होंने बताया इस फार्मेसी में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भवन निर्माण का कार्य जारी है। यहां पर आधुनिक मशीनरी लगाकर दवा निर्माण में तेजी लाई जाएगी।

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