मुख्यमंत्री कृषि विपणन संपर्क मार्ग योजना से खेतों तक पहुंचेगा वाहन

मुख्यमंत्री कृषि विपणन संपर्क मार्ग योजना के तहत अब किसानों और बागवानों के खेतों तक सड़कें बनेंगी और वहन पहुंच सकेंगा। इसके लिए नियम और हिस्सेदारी को निर्धारित कर दिया है। योजना के तहत पांच किलोमीटर तक की सड़क बनाई जा सकेगी।

Virender KumarFri, 30 Jul 2021 09:46 PM (IST)
मुख्यमंत्री कृषि विपणन संपर्क मार्ग योजना से खेतों तक पहुंचेगा वाहन। जागरण

शिमला, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री कृषि विपणन संपर्क मार्ग योजना के तहत अब किसानों और बागवानों के खेतों तक सड़कें बनेंगी और वहन पहुंच सकेंगा। इसके लिए नियम और हिस्सेदारी को निर्धारित कर दिया है। योजना के तहत पांच किलोमीटर तक की सड़क बनाई जा सकेगी। सड़क बनाने के लिए निर्धारित नियमों के तहत जिस सड़क में पुल बनाने की आवश्यकता होगी वे सड़कें इसके शामिल नहीं होंगी। सड़क बनाने के लिए चार श्रेणियों में हिस्सेदारी तय की गई है।

सरकारी उपक्रम कृषि विपणन बोर्ड ने इस संबंध मेंं अधिसूचना जारी कर दी है। सड़क बनाने के लिए कुल लागत का 10 से 25 फीसद तक तक किसान व किसान समूह खर्च करेंगे बाकी राशि सरकार देगी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के खेतों तक सड़कों को पहुंचाना है जिससे फसलें व फल समय पर मंडियों तक पहुंच सके। इसके साथ मार्केङ्क्षटग बोर्ड द्वारा बनाई जा रही दुकानों व अन्य कोल्ड स्टोरेज आदि को किराये पर देने के संबंध में भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं जिसमें निविदाओं के आधार पर दिए जाने का प्रविधान किया गया है।

सुरेश भारद्वाज बोले, हर 15 दिन बाद दें कार्यों की रिपोर्ट

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिमला स्मार्ट सिटी, वन, लोक निर्माण, केंद्रीय लोक निर्माण और अन्य भागीदार विभागों की बैठक ली। शहरी विकास मंत्री ने समयबद्ध काम पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि हर 15 दिन के बाद उन्हें प्रगति रिपोर्ट दी जाए। बैठक में वन विभाग की स्वीकृति न मिलने के कारण रुके हुए स्मार्ट सिटी के कार्यों को लेकर चर्चा हुई। शिमला स्मार्ट सिटी के छह कार्यों के लिए वन विभाग की स्वीकृति की आवश्यकता है। 10 कार्यों में पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई है।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी का मकसद शहर को विकसित करना और आधुनिक बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फारेस्ट के मामलों को जल्द निपटाया जाए और औपचारिकताएं पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि अब वन स्वीकृति के लिए देहरादून के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शिमला में कार्यालय खुलने से इन मामलों के निदान में तेजी आनी चाहिए। उन्होंने विभागों से मामलों को संबंधित विभाग के साथ समय-समय पर उठाने के निर्देश दिए। बैठक में शहरी विकास विभाग के निदेशक मनमोहन शर्मा, स्मार्ट सिटी शिमला के महाप्रबंधक (तकनीकी) नितिन गर्ग, वन विभाग, नगर निगम व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि रिज की मरम्मत, लक्कर बाजार से रिज के लिए एस्केलेटर, संजौली से आइजीएमसी अस्पताल के लिए स्मार्ट पाथ शहर के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर काम शुरू करवाएं।

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