एनटीटी ने हक के लिए बुलंद की आवाज

जागरण संवाददाता धर्मशाला धर्मशाला में बुधवार को प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका (एनटीटी) संघ ने

JagranWed, 22 Sep 2021 10:50 PM (IST)
एनटीटी ने हक के लिए बुलंद की आवाज

जागरण संवाददाता, धर्मशाला : धर्मशाला में बुधवार को प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका (एनटीटी) संघ ने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उन्होंने एनटीटी को रोजगार देने की सरकार से मांग की है। अध्यापिकाओं ने शहर में रैली निकालकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। अध्यापिकों ने कहा कि प्रदेश की विभिन्न जगहों से महिलाओं ने नर्सरी अध्यापिका का प्रशिक्षण प्राप्त किया था कि भविष्य में उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इनमें से अधिकतर महिला गरीब परिवार से संबंधित हैं और कुछ महिलाएं विधवा हैं। सभी महिलाओं ने मिलकर बार-बार हिमाचल सरकार से रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए आग्रह किया है। 1996-97 में नर्सरी अध्यापिकाओं को प्राथमिक पाठशालाओं में लगाया था। परंतु उसके बाद आज तक पूरे प्रदेश में कोई भी नर्सरी अध्यापिका नहीं लगाई गई है।

उन्होंने मांग की है कि प्री प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए (एनटीटी को नियुक्त किया जाए तथा नियुक्ति भर्ती पदोन्नति नियम बनाकर की जाए जो नियमित आधार पर हो। आयु सीमा में छूट दी जाए। योग्यता प्लस टू पास हो व नर्सरी का विशेष प्रमाण पत्र रखा जाए। वार्ड आफ एक्स सर्विसमैन का कोटा दिया जाए। प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति बैच वाइज की जाए। उच्च शिक्षा प्राप्त प्रार्थी को शिक्षा योग्यता के अनुसार प्राथमिकता दी जाए। -----------------

सफाई कर्मचारियों को दो माह से नहीं मिला वेतन

संवाद सहयोगी, ज्वालामुखी : रोगी कल्याण समिति ज्वालामुखी की ओर से सिविल अस्पताल में रखे गए नौ सफाई कर्मचारियों को दो महीने वेतन नहीं मिल है। असंतुष्ट सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को एसडीएम धनवीर ठाकुर से मिलकर समस्या बताई। कर्मचारियों का तर्क है कि वे कई सालों से सेवाए दे रहे हैं। कोरोना संकट में भी सेवाएं दी, लेकिन दो माह से उन्हें अस्पताल प्रशासन वेतन नहीं दे रहा है। वहीं कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डा. पवन शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों को समय पर पगार दी जाती रही है। कुछ समस्याओं के कारण पगार रुकी है, जिसे भी जारी कर दिया जाएगा। कर्मचारी घंटों के हिसाब से सफाई व्यवस्था के लिए रखे हैं। यह न तो आउटसोर्सिंग पर हैं न ही नियमित।

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नौकरियों में पांच फीसद कोटा बहाल करने की मांग

संवाद सहयोगी, पालमपुर : करुणामूलक आश्रित परिवारों ने प्रदेश सरकार पर हकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। आश्रित परिवारों का आरोप है कि सरकारें अपने चहेतों को बैकडोर एंट्री से लाभ पहुंचाती रही हैं, लेकिन असली हकदारों की हमेशा उपेक्षा ही की है। करुणामूलक परिवारों ने सरकार से वन टाइम सेटलमेंट शर्त हटाकर सरकारी नौकरियां देने व करुणामूलक आधार पर नौकरियों में पांच फीसद कोटा बहाल करने की मांग की है। सरकारी नौकरियों में लगाई गई शर्त को हटाया जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर सरकारी नौकरी में मिलने वाली सुविधाओं को नियमानुसार लागू किया जाए।

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