मुख्‍यमंत्री बोले, हिमाचल में हवाई अड्डों पर खर्च होंगे बीस हजार करोड़ रुपये

तीन हवाई अड्डों पर करीब 20 हजार करोड़ की राशि व्यय की जाएगी।
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 07:23 PM (IST) Author:

शिमला, जेएनएन। मंडी नागचला हवाई अड्डे के बनने और कांगडा व शिमला हवाई अड्डे के विस्तार से हिमाचल में पर्यटन को पंख लगेंगे। इन तीन हवाई अड्डों पर करीब 20 हजार करोड़ की राशि व्यय की जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला में शुक्रवार को प्रदेश में हवाई अड्डों के विकास और विस्तार को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को मंडी के नागचला ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण और कांगड़ा व शिमला हवाई अड्डों के विस्तार से जुड़ी औपचारिकताओं को पूर्ण कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जयराम ने कहा कि नागचला हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 2936 बीघा भूमि चिन्हित की गई है और जनवरी, 2020 में इस स्थल के लिए स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण पहले चरण में 2100 मीटर लम्बे रनवे पर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार चरण दो के लिए 3150 मीटर भूमि अधिग्रहण करेगी और अतिरिक्त भूमि को बफर जोन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। कांगड़ा हवाई अड्डे को ए-320 जैसे एयरक्राफ्ट के संचालन के लिए विकसित करने व विस्तार देने के लिए 1780 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण एवं संबंधित कार्यों के लिए 3347.18 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

शिमला हवाई अड्डे के विस्तार के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने रनवे को विस्तार देने के लिए राशि प्रदान करना मंजूर किया है। इस हवाई अड्डे में 300 मीटर के अतिरिक्त लंबाई जोड़ी जाएगी, जिसके लिए 182-11 बीघा भूमि चिन्हित की जा चुकी है। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव देवेश कुमार ने इस अवसर पर प्रदेश द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं पर एक प्रस्तुति दी।

जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान और प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव जेसी. शर्मा, सचिव विकास लाबरू और निदेशक पर्यटन युनस भी बैठक में उपस्थित थे। ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे पर व्यय होंगे 7448 करोड़ रुपये मंडी के नागचला में बनने वाले ग्रीन फिल्ड हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण, टर्मिनल भवन, रनवे और सम्बद्ध गतिविधियों पर 7448 करोड़ की अनुमानित राशि खर्च होगी।

इसमें से भूमि अधिग्रहण पर 2786 करोड़ रुपये अन्य विकासात्मक गतिविधियों पर 2965 करोड़ रुपये टर्मिनल भवन, रन-वे एवं सम्बद्ध अधोसंरचना पर 900 करोड़ रुपये विभिन्न ढांचों पर 782 करोड़ रुपये जबकि वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत क्षतिपूर्ति पर 15 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इस प्रस्तावित हवाई पट्टी के लिए सुकेती खड्ड के तटीकरण की आवश्यकता होगी। ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के विकास और संचालन के लिए संयुक्त उपक्रम कंपनी के माध्यम से 15 जनवरी, 2020 को एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है।

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