नयनादेवी में दर्शन के लिए घवांडल व रोपवे से आगे नहीं जा सकेंगी अन्य राज्यों की टैक्सियां

उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थल नयनादेवी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। ऐसे में श्रद्धालु अपने वाहनों में मंदिर पहुंच रहे हैं जिस कारण श्रद्धालुओं को जाम जैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है।

Vijay BhushanTue, 13 Jul 2021 10:16 PM (IST)
बिलासपुर जिले में स्थित माता नयनादेवी मंदिर।

नयनादेवी, संवाद सहयोगी। उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थल नयनादेवी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। ऐसे में श्रद्धालु अपने वाहनों में मंदिर पहुंच रहे हैं जिस कारण श्रद्धालुओं को जाम जैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में इस परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने अन्य राज्यों से आने वाहनों को नयनादेवी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।

नयनादेवी में बढ़ती श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए जिला प्रशासन ने नई यातायात व्यवस्था का प्लान जारी कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जबसे मंदिर खुले हैं तबसे ज्यादातर श्रद्धालु व्हीकल लेकर मंदिर के समीप पहुंच रहे हैं जबकि मंदिर के समीप पार्किंग के अनुरूप व्यवस्था कम है। इसलिए जाम इत्यादि से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए अन्य राज्यों की टैक्सियां रोपवे तथा घंवाडल चौक से आगे नहीं जाएंगी तथा ये श्रद्धालु स्थानीय टैक्सियों के माध्यम से ही मंदिर तक आ जा सकेंगे।

डीएसपी नयनादेवी अभिमन्यु ने कहा कि वाहनों की आमद को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है ताकि लोगों को जाम की स्थिति से न जूझना पड़े।

चिंतपूर्णी मंदिर में नियम न माने तो दर्ज होगी एफआइआर

प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर में नियमों की अवहेलना करने वालों पर एफआइआर दर्ज की जाएगी। मंदिर आयुक्त एवं ऊना के उपायुक्त राघव शर्मा ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा जाएगा जिनकी निगरानी का जिम्मा सेक्टर मजिस्ट्रेट करेंगे।

चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य प्रबंधों पर मंगलवार को ऊना में बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त राघव शर्मा ने की। चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया था। इसका संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने बैठक करके ङ्क्षचतपूर्णी मंदिर में माथा टेकने व अन्य बेहतर व्यवस्था के लिए योजना तैयार की है।

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