रैत के सुमित पठानिया आयुष विभाग में बने संयुक्त निदेशक, शिमला में संभाला कार्यभार

रैत के रहने वाले सुमित पठानिया ने शिमला में आयुष विभाग में संयुक्‍त निदेशक का कार्यभार संभाला है। उन्‍हें आयुष विभाग में संयुक्त निदेशक बनने पर स्थानीय लोगों ने भी शुभकामनाएं दी हैं। सुमित पठानिया रैत के रहने वाले हैं।

Richa RanaFri, 26 Nov 2021 08:51 AM (IST)
सुमित पठानिया ने शिमला में आयुष विभाग में संयुक्‍त निदेशक का कार्यभार संभाला है।

धर्मशाला, जागरण संवाददाता। रैत के रहने वाले सुमित पठानिया ने शिमला में आयुष विभाग में संयुक्‍त निदेशक का कार्यभार संभाला है। उन्‍हें आयुष विभाग में संयुक्त निदेशक बनने पर स्थानीय लोगों ने भी शुभकामनाएं दी हैं। सुमित पठानिया रैत के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी नौकरी की शुरूआत 27 अगस्त 1990 को अधिकारी के पद पर राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र निकुल रूरी जिला किन्नौर से शुरुआत की इसके बाद वहां तीन साल का अपना पूरा कार्यकाल करने के बाद राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र ठेहड़, कुठेड़, नूरपुर जिला कांगड़ा में उपस्थिति दी।

आठ अप्रैल 1995 को राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पलवाड़ा तहसील शाहपुर जिला कांगड़ा में तीन साल का कार्यकाल पूरा किया। इसके बाद 21 सितंबर 1998 को हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वीकृति से एमडी पंचकर्म में गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च जमुना नगर में तीन साल की पढ़ाई की बाद एमडी पंचकर्म करने के उपरांत एक साल 2001 से 2002 तक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पुराना कांगड़ा में सेवाएं दीं फिर 2002 से 2003 तक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र रात में एक साल सेवा देने के पश्चात 2003 से 2008 तक जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला में 5 साल की सेवा पूरी कीं फिर 2008 से 2010 तक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र बल्ह नड्डी धर्मशाला में कार्य किया ।

इसके 2010 से 2012 तक राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सिहुनी में दो वर्ष कार्य करने के उपरांत 2012 से 2014 तक फिर जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला में आयुर्वेदिक जिला अधिकारी के पद पर कार्य किया इसके बाद छह जनवरी 2014 को उपमंडलीय आर्यवेदिक चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदोन्नत होकर अपनी सेवाएं उप मंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा स्थित पुराना कांगड़ा में दी। उसके पश्चात 2411 2015 को फिर पदोन्नत होकर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कांगड़ा स्थित धर्मशाला में अपनी सेवाएं दी तत्पश्चात तीन अगस्त 2018 को इनका स्थानांतरण जिला आयुर्वेदिक अधिकारी चंबा के लिए हो गया फिर एक जनवरी 2019 को इन्होंने उप निदेशक आयुर्वेद के पद पर पदोन्नत होकर निदेशालय कसुम्पटी शिमला में अपनी सेवाएं दीं। इन का स्थानांतरण इस पद पर कांगड़ा जिला धर्मशाला में नवंबर 20 2019 में हो गया और अब फिर पदोन्नत होकर आयुष विभाग की संयुक्त निदेशक, निदेशक आयुर्वेद में डायरेक्टर के पद पर विराजमान हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाएंगे।

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