फेस्टिवल सीजन में सरकारी राशन डिपो में आटा और चीनी का टोटा, गरीब परिवार परेशान

त्यौहारी सीजन में एक तरफ जहां महंगाई की मार ने पहले ही लोगों की कमर तोड़ रखी है। वहीं दूसरी तरफ सरकार की ओर से सरकारी डिपो में अनुदान पर दिए जाने वाले राशन का कोटा भी पूरा नहीं मिल पाने की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

Rajesh Kumar SharmaThu, 28 Oct 2021 07:11 AM (IST)
सरकारी डिपो में अनुदान पर दिए जाने वाले राशन का कोटा भी पूरा नहीं मिल रहा है।

अम्ब, संवाद सहयोगी। त्यौहारी सीजन में एक तरफ जहां महंगाई की मार ने पहले ही लोगों की कमर तोड़ रखी है। वहीं दूसरी तरफ सरकार की ओर से सरकारी डिपो में अनुदान पर दिए जाने वाले राशन का कोटा भी पूरा नहीं मिल पाने की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बड़ी बात है कि सरकार डिपो में राशनकार्ड धारकों को चने की दाल, माश, मसूर की दाल, साबुत मुंगी, सरसों का तेल, रिफाइंड, चीनी, आटा, गेहूं और चावल जैसी कई खाद्य वस्तुएं अनुदान पर मुहैया करवाती है। लेकिन हर माह डिपो में आने वाले इस राशन कोटे की एक या दो वस्तुएं में कटौती रहती है। उपभोक्ताओं को कई डिपो पर इस माह राशन कोटे में आटा और चीनी नहीं मिल पाई।

हालांकि विभाग इस बात से इंकार कर रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत उनके दावे से अलग है। हर माह होने वाली यह अव्यवस्था उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रही है। वहीं आटे को छोड़ भी दिया जाए, तो राशन कोटे में इस बार चीनी का न मिलना उपभोक्ताओं को ज्यादा अखर रहा है। चीनी न मिलने की वजह से इस बार उनकी दीपावली भी फीकी रहने वाली है। महंगाई के इस दौर में राशन का कोटा पूरा न मिलने से मध्यम वर्ग जुगाड़ से अपना काम चला रहा है लेकिन इससे विशेषकर गरीब परिवारों से संबंधित लोगों के लिए माह भर का राशन पूरा करना मुश्किल है।

राशन का पूरा कोटा देने में सरकार विफल

राशन कोटे में हर माह किसी न किसी वस्तु की कटौती से उपभोक्ता भी परेशान हैं। उनका कहना है कि डिपुओं में राशन तो हर माह आ रहा है। लेकिन कभी दालें पूरी नहीं मिलती, तो कभी तेल नहीं मिलता। इस बार के कोटे में भी आटा और चीनी नहीं मिली है। मनोज कुमार, विक्रम सिंह, विनोद कुमार, सुभाष चंद, धर्मवीर सिंह, सतीश कुमार व सुनील कुमार ने कहा कि सरकार राशन में कटौती कर रही है और सामान पूरा उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। इससे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लोगों को अनुदान पर राशन उपलब्ध करवाने के सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि हर माह पूरा राशन उपलब्ध करवाया जाए।

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