बोले सुदर्शन शर्मा समस्याओं से जूझ रही जनता, सरकार नहीं दे पा रही राहत

कोरोना महामारी के चलते प्रदेश की जनता ज्वलंत समस्याओं से जूझ रही है। लोगों को राहत देने के लिए सरकार की झोली खाली है। जबकि भाजपा नेताओं को सत्ता की रेबड़ियां जमकर बांटी जा रही हैं । भाजपा सत्ता के नशे में मस्त जनता की समस्याएं भूल गई है।

Richa RanaWed, 28 Jul 2021 03:48 PM (IST)
कोरोना महामारी के चलते प्रदेश की जनता ज्वलंत समस्याओं से जूझ रही है।

जसूर, संवाद सूत्र। कोरोना महामारी के चलते प्रदेश की जनता ज्वलंत समस्याओं से जूझ रही है। लोगों को राहत देने के लिए सरकार की झोली खाली है। जबकि भाजपा नेताओं को सत्ता की रेबड़ियां जमकर बांटी जा रही हैं । यह बात कांग्रेस पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने जारी बयान कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में मस्त होकर प्रदेश की जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील हो गई है।

सरकार की नीतियों को नकारते हुए शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में अनेकों पद खाली हैं। डॉक्टरों की भारी कमी है सरकार को इस विषय पर गंभीर होकर इन्हें भरने को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। लेकिन उपचुनाव को देखते अपने चहेतों को सत्ता में पदों से नवाजते हुए जीत का सपना देख रही है। वह सपना कभी पूरा नही होगा। साढ़े तीन साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद जनता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही है। शर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। आने वाले उपचुनावों में जनता 2022 के विधानसभा चुनावों का ट्रेलर भाजपा को दिखा देगी।

शर्मा ने बतौर प्रदेश प्रवक्ता अपनी नियुक्ति पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर, नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश मीडिया चेयरमैन हर्षवर्धन चौहान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष कांगड़ा अजय महाजन का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया और कहा कि पार्टी के विश्वास पर खरा उतरने का और संगठन की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयासरत रहूंगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.