हिमाचल: यहां पढ़ाई से पहले परीक्षा दे रहे बच्‍चे, कभी पहाड़ी तो कभी सड़क किनारे पढ़ने को मजबूर

Himachal Online Education आधुनिक जमाने में भी अगर बच्चों को घर से दूर जाकर पहाड़ पर जाकर आनलाइन पढ़ाई करनी पड़े तो इसे विडंबना ही कहा जाएगा। कुछ ऐसी ही दास्तान है देहरा उपमंडल के तहत कलोहा पंचायत की। पंचायत के बच्चों को पढ़ाई से पहले परीक्षा देनी पड़ती है।

Rajesh Kumar SharmaMon, 13 Sep 2021 09:48 AM (IST)
देहरा उपमंडल के तहत कलोहा पंचायत में सड़क किनारे पढ़ाई करते बच्‍चे।

ज्वालामुखी, प्रवीण कुमार शर्मा। आधुनिक जमाने में भी अगर बच्चों को घर से दूर जाकर पहाड़ पर जाकर आनलाइन पढ़ाई करनी पड़े तो इसे विडंबना ही कहा जाएगा। कुछ ऐसी ही दास्तान है, देहरा उपमंडल के तहत कलोहा पंचायत की। पंचायत के बच्चों को पढ़ाई से पहले परीक्षा देनी पड़ती है। बच्चे कभी पहाड़ी तो कभी सड़क किनारे पढऩे के लिए मजबूर हैं। कई बच्चे तो खड्ड में जाकर पढ़ाई करते हैं। इन दिनों खड्ड में पढ़ाई करना किसी खतरे से कम नहीं है। पंचायत की आबादी करीब 2500 है और 200 बच्चे आनलाइन पढ़ाई में दिक्कत झेल रहे हैं। सिग्नल न होने से पंचायत के नौ गांवों के बाशिंदों को परेशान होना पड़ रहा है।

सताती है सांप के डसने की चिंता

बच्चों का कहना है कि बरसात के मौसम में उन्हें सांप के डसने की भी चिंता सताती है। जंगल में ज्यादा देर तक बैठ नहीं सकते हैं। बारिश शुरू हो जाती है और इससे पढ़ाई प्रभावित होती है।

दो किलोमीटर नीचे आकर मिलता है सिग्नल

पंचायत के कुछ गांवों में तो मोबाइल फोन सिग्नल दो किलोमीटर नीचे आकर मिलता है। लोगों का कहना है कि पढ़ाई के अलावा अगर कोई बीमार भी हो जाए तो एंबुलेंस तक को फोन नहीं कर सकते हैं। पंचायत स्तर पर तो यहां प्रयास होते हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता है। सबसे ज्यादा दिक्कत कूड़ु गांव की है।

प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार

पंचायत प्रधान सुमनलता, उपप्रधान दलजीत सिंह, पूर्व उपप्रधान मनोज कुमार, वार्ड सदस्य महिंदर सिंह, राज कुमारी, वीना देवी, देसराज, सुरिंदर कुमार, राज कुमार, किशन लाल और इशू ने सरकार और प्रशासन से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। कूड़ु व सरड बम्मी गांवों में सबसे ज्यादा दिक्कत है।

एनओसी देने के बाद भी नहीं लगा टावर

कलोहा पंचायत के उपप्रधान दलजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने टावर लगाने के लिए एनओसी दे दी है, लेकिन कंपनियां आगे नहीं आ रही हैं। पंचायत में कुछ स्थानों पर एक ही मोबाइल कंपनी का सिग्नल मिलता है। उनके अनुसार बीएसएनएल का टावर होना या न होना एक बराबर है।

क्‍या कहता है प्रशासन

एसडीएम देहरा धनवीर ठाकुर ने कहा पंचायत शिकायत करे तो हम प्रशासनिक तौर पर संबंधित केंद्रीय मंत्रालय से यहां टावर लगाने के लिए पत्राचार करेंगे। इस समस्या के समाधान के लिए हम कदम उठाने के लिए प्रयासरत हैं।

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