तीन करोड़ की साइबर ठगी के मामले मेें दो आरोपितों की तलाश

साइबर ठगी से जुड़े तीन करोड़ रुपये के गड़बड़झाले में सीआइडी के साइबर थाने को दो आरोपितों की तलाश है। इनमें से एक चंडीगढ़ का रहने वाला है जो काफी समय से फरार है। दूसरा आरोपित हिमाचल का रहने वाला है जिसकी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है।

Vijay BhushanThu, 29 Jul 2021 10:23 PM (IST)
तीन करोड़ की ठगी के मामले में दो आरोिपतों की तलाश। प्रतीकात्मक

शिमला, राज्य ब्यूरो। साइबर ठगी से जुड़े तीन करोड़ रुपये के गड़बड़झाले में सीआइडी के साइबर थाने को दो आरोपितों की तलाश है। इनमें से एक चंडीगढ़ का रहने वाला है जो काफी समय से फरार है। दूसरा आरोपित हिमाचल का रहने वाला है जिसकी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। इसी मामले में पिछले दिनों चंडीगढ़ से गिरफ्तार आरोपित राकेश शर्मा से साइबर पुलिस ने शिमला में फिर पूछताछ की है।

जांच एजेंसी के अधिकारियों ने आरोपित से तीखे सवाल पूछे हैं। ठगी का पैसा कहां निवेश किया, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। आरोपितों ने शिमला और किन्नौर के लोगों को क्रिप्टो करंसी पर आधारित स्कीम में निवेश करने पर दोगुने और तिगुने पैसे वापस देने का झांसा दिया था लेकिन ठगों ने सारा पैसा हड़प कर लिया। हालांकि आरंभ में कुछ लोगों को ब्याज भी दिया। ऐसा केवल भरोसा जीतने के लिए किया गया। बाद में इस पैसे को भी दूसरी जगह अपनी पसंद के हिसाब से निवेश करवाया। वहां भी धोखाधड़ी की गई। साइबर पुलिस आरोपित के बैंक खाते खंगाल रही है। इससे पता चलेगा कि इसके बैंक खाते में कितने पैसे कब और कहां से आए।

सीआइडी की एक और कंपनी पर भी पैनी निगाह लगी है। सूत्रों के अनुसार इस कंपनी में हिमाचल के लोगों के काफी पैसे निवेश हुए हैं। पुलिस विभाग के कर्मचारी भी इसमें निवेश कर रहे हैं। मल्टीलेयर मार्केङ्क्षटग स्कीम में उनका भरोसा वैसा ही बना हुआ है, जैसे किन्नौर व शिमला के लोगों ने सूइनोज कंपनी पर जताया था।

क्या है मामला

वल्र्ड सूइनोज कम्पयुनिटी नामक कंपनी ने वर्ष 2018 में शिमला और किन्नौर के लोगों को उनके निवेश पर 64 फीसद के हिसाब से ब्याज देने का प्रलोभन दिया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने लोगों को क्रिप्टो करंसी पर आधारित स्कीम में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। यह कंपनी पंजीकृत नहीं है। कई निवेशकों ने निवेश किया। मई 2019 में कंपनी की वेबसाइट और डिजिटल वालेट ने कार्य करना बंद कर दिया। कंपनी 100 निवेशकों को चूना लगाकर गायब हो गई।

 

क्या है क्रिप्टो करंसी

क्रिप्टो करंसी क्रिप्टोग्राफी प्रोग्राम पर आधारित एक वर्चुअल करंसी या आनलाइन मुद्रा है। यह पीयर-टू-पीयर कैश सिस्टम है। क्रिप्टो करंसी को डिजिटल वालेट में ही रखा जा सकता है। क्रिप्टो करंसी के इस्तेमाल के लिए बैंक या किसी अन्य वित्तीय संस्थान की जरूरत नहीं होती है।

क्रिप्टो करंसी के नाम पर कंपनियां ठगी कर रही हैं। सूइनोज का मामला हमारे सामने है। लोग झांसे में आकर हर कहीं निवेश न करें। आरोपित से पूछताछ की गई है। मामला जल्द पूरी तरह सुलझ जाएगा।

संदीप धवल, एसपी साइबर क्राइम

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