भदरोआ में जगत गिरी आश्रम मंदिर को जाने वाला रास्ता बदहाल

जगत गिरी आश्रम में स्थित वर्ल्ड पीस टेंपल को जाने वाला मुख्य मार्ग बदहाल है।

भदरोआ चक्की दरिया में अवैध खनन के कारण भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुअा जगत गिरी आश्रम में स्थित वर्ल्ड पीस टेंपल को जाने वाला मुख्य मार्ग बदहाल है। इस मार्ग को ठीक नहीं किया जा सका है। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

Richa RanaTue, 02 Mar 2021 12:41 PM (IST)

भदरोअा, मुकेश सरमाल। भदरोआ चक्की दरिया में अवैध खनन के कारण भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुअा जगत गिरी आश्रम में स्थित वर्ल्ड पीस टेंपल को जाने वाला मुख्य मार्ग बदहाल है। इस मार्ग को ठीक नहीं किया जा सका है। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बचते बचाते इस मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।

करीब एक साल पहले हुए भूस्खलन से हुअा था मंदिर मार्ग को नुकसान

अवैध खनन से गहरी हो चुकी चक्की के कारण करीब एक साल पहले पानी के तेज बहाव से भूस्खलन के चलते जहां नया चक्की पुल के दोनों तरफ मिट्टी खिसकने से पुल के किनारे बुरी तरह से प्रभावित हो गए थे। वही ,पठानकोट जालंधर राष्ट्रीय मार्ग से मंदिर को जाने वाले मुख्य मार्ग टूटकर चक्की दरिया में बह गया था। मंदिर का रास्ता बहने के बाद स्थानीय विधायक रीता धीमान ने टीम सहित मंदिर जाकर टूटे मार्ग का जायजा लिया था। जल्द बनाने का आश्वासन दिया था।

लेकिन प्रशासन ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया तो मंदिर प्रशासन ने अपने स्तर पर मिट्टी डालकर इस मार्ग को तैयार किया। लेकिन, अब इस मार्ग के कच्चा के चलते श्रद्धालुओं को धूल भरी सड़क से गुजरना पड़ रहा है और 300 मीटर टूटा रास्ता मंदिर की चकाचौंध को चांद में दाग जैसे लग रहा है। पंजाब हिमाचल सीमा पर ये मंदिर होने के कारण और श्रद्धालुओं के जायदा तादाद के कारण कई बड़े-बड़े नेता वोट बैंक के चक्कर में इस मंदिर में अपना शीश झुकाते हैं। लेकिन उन सभी नेताओं को इस मंदिर का रास्ता शायद न दिखता हो। तभी यहां आने वाले श्रद्धालु एक साल पहले भूस्खलन का शिकार हुए रास्ते पर आज भी धूल फांक और टूटे रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। जबकि आश्रम के सम्मेलन में लाखों श्रद्धालु अपना शीश झुकाते हैं।

वर्ल्ड पीस टेंपल की खासियत

श्रीश्री 108 स्वामी गुरदीप गिरी के रहनुमाई में वर्ल्ड पीस टेंपल का निर्माण किया गया। इस मंदिर के टेंपल की ऊंचाई 84 फीट है। माना जाता है कि 84 लाख योनियों के भुगतने के बाद मुझसे जीवन प्राप्त होता है। इसी बात को मध्य नजर रखते हुए इस टेंपल की ऊंचाई 84 फीट रखी गई है। टेंपल को वाइट मार्बल के साथ बनाया है। जोकि रविदास महाराज की सादगी का प्रतीक है। मंदिर के चार दरवाजे हैं। विश्व टेंपल के बीच सरोवर बनाया गया है।

क्या कहते हैं अधिकारी

वहीं, लोकनिर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अरुण वशिष्ठ ने कहा कि ये रास्ता नेशनल हाइवे के तहत आता है। वहीं, इस रास्ते निर्माण करेंगे मार्ग में हुए नुकसान का ब्यौरा नेशनल हाइवे टीम एक साल पहले ले गई थी। लोक निर्माण विभाग की तरफ से यह मार्ग प्रस्तावित नहीं किया गया है।

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