पोस्त की खेती की रिश्तेदारों ने, फंस गए जमीन मालिक

कुछ लोगों ने रिश्तेदारों की जमीन पर ही पोस्त की बिजाई कर डाली। अब पकड़े जाने पर जमीन के असली मालिक थाने और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। मंडी जिले की चौहारघाटी की टिक्कन उपतहसील के गढ़ गांव में ऐसे ही तथ्य सामने आए हैं।

Vijay BhushanMon, 20 Sep 2021 11:55 PM (IST)
पोस्त की खेती रिश्तेदारों ने की लेकिन जमीन मालिक फंस गए।

मुकेश मेहरा, मंडी। नशे की खेती कर मालामाल होने के चक्कर में कुछ लोगों ने रिश्तेदारों की जमीन पर ही पोस्त की बिजाई कर डाली। अब पकड़े जाने पर जमीन के असली मालिक थाने और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। मंडी जिले की चौहारघाटी की टिक्कन उपतहसील के गढ़ गांव में 15 लाख पोस्त के पौधे पकडऩे के मामले में कुछ ऐसे ही तथ्य सामने आए हैं।

मई में चौहारघाटी में पुलिस ने 66 बीघा जमीन पर नशे की खेती पकड़ी थी। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने जब जमीन की पैमाइश आरंभ की तो कुछ मामले ऐसे सामने आए जिनमें जमीन का मालिक कोई और तथा उस पर बिजाई कोई और कर रहा था। अब पुलिस ने मालिकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। इनमें आठ मामले ऐसे हैं, जिनकी जमीन पर रिश्तेदार बिजाई करते थे। अब जमीन के मालिक अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं।

मालिक दे सकता है शपथपत्र

अगर जमीन का मालिक बाहर रहता है तो पुलिस की जांच में सहयोग कर उसको यह शपथपत्र देना होगा कि वह जमीन की बिजाई नहीं करता है। जमीन की देखरेख का जिम्मा किसी ओर के पास था। इस शपथपत्र के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति के खिलाफ जांच करती है जो जमीन बीज रहा था।

10 साल की सजा व दो लाख जुर्माना

पोस्त की खेती करने के मामले में कितनी जमीन पर खेती हुई है और कितने पौधे पकड़े जाते हैं। इसके आधार पर मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जाते हैं। इनमें अधिकतम 10 साल की सजा और दो से चार लाख रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है।

सरकारी जमीन पर भी हुई खेती

राजस्व विभाग की पैमाइश में सरकारी जमीन पर भी खेती करने की बात सामने आई है। अब पुलिस विभाग ने संबंधित जमीन का पूरा रिकार्ड तलब किया है। इसके बाद संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी जाएगी और उस क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों से भी जवाबतलब होगा।

चौहारघाटी में निजी भूमि पर पोस्त के पौधे पकड़े गए थे। जमीन की पैमाइश में 19 लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं जो वहां रहते ही नहीं थे और उनके रिश्तेदार जमीन की बिजाई करते थे। पुलिस अब पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निजी भूमि पर मालिक की अनुमति से नशे की खेती होती थी या उसको बिना बताए।

-शालिनी अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक मंडी।

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