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पालमपुर के चार सौ छह हेक्टेयर में होगा पौधारोपण

निजी व सरकारी भूमि से नीला फुलणू भी हटाएंगे

कुलदीप राणा, पालमपुर

बरसात का मौसम शुरू होते ही वन मंडल पालमपुर पौधारोपण की तैयारियों में जुट गया है। वहीं गत वर्ष के पौधारोपण का सर्वाइवल को लेकर भी आंकलन तैयार किया जा रहा है। 15 जुलाई से शुरू हो रहे पौधारोपण सीजन में वन मंडल पालमपुर की 55 वीटों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में इस वर्ष लगभग 406 हेक्टेयर भूमि पर नए पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित हुआ है। इसमें विभागीय परियोजना के तहत 94.5 हेक्टेयर व जर्मन फंडिग केएफडब्ल्यू परियोजना के तहत 312 हेक्टेयर वन भूमि में पौधारोपण किया जाएगा। वन विभाग ने हर बार की तरह नीला फुलणू उखाड़ने का अभियान पहले ही शुरू कर दिया है तथा अधिकतर क्षेत्र को लैंटाना, फुलणू मुक्त करने का लक्ष्य लगभग पूर्ण कर लिया है।

इसके तहत वनमंडल के अनेक इलाकों में पशुपालकों के लिए मुसीबत बने लैंटाना, नीला फुलणू घास को उखाड़ा जा रहा है। वन विभाग की ओर से पूर्व में पौधारोपण में जिदा बचे पौधों की बाड़बंदी सहित पौधारोपण के प्रस्तावित इलाकों में झाड़ियों की सफाई व बाड़बंदी भी की जा रही है ताकि इस वर्ष के लक्ष्य को बिना किसी विलंब के पूरा किया जा सके। वनमंडल पालमपुर ने गत वर्ष सरकारी भूमि सहित लोगों की मलकीयत भूमि में इस बार लगभग 1500 हेक्टेयर भूमि से नीला फुलणू घास हटाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में चीड़ के जंगलों में बढ़ोतरी को मनाही किए जाने के चलते वन मंडल ने भी चीड़ का पौधारोपण त्याग दिया है, जबकि

इसके स्थान पर देवदार के पौधे व स्थानीय लोगों के अनुरूप चौड़ी पत्तियों वाले पौधों का रोपण होगा। उधर, डीएफओ पालमपुर डॉ. नितिन पाटिल ने बताया वन विभाग की ओर से इस वर्ष 94.5 हेक्टेयर भूमि पर विभागीय परियोजना तथा 312 हेक्टेयर भूमि पर जर्मन सरकार की परियोजना के तहत पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग की ओर से इस लक्ष्य को जुलाई माह के अंत तक पूरा किए जाने की तैयारी है।

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