कार, बाइक और एलईडी घर में हुई तो बीपीएल सूची से होंगे बाहर, शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई

फर्जी गरीबों पर अब सरकार और विभाग कडी़ कार्रवाई करेंगे।
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 09:00 AM (IST) Author: Rajesh Sharma

शिमला, जेएनएन। कार, बाइक और एलईडी घर में रखने वाला कोई भी व्यक्ति गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) सूची में शामिल हुआ तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। साधन संपन्न व्यक्ति द्वारा प्रभाव का इस्तेमाल करके ग्राम सभा का समर्थन जुटाना भारी पड़ सकता है। ऐसे लोगों के खिलाफ शिकायत प्राप्त होने के बाद ग्रामसभा की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जहां पर ऐसे व्यक्ति को आरोपों का जवाब देना पड़ेगा। यूं कहें तो साबित करना होगा कि उसके पास न तो कार है और न ही घर में लग्जरी सामान। ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल फर्जीवाडे को रोकने के लिए पंचायती राज विभाग नई व्यवस्था को लागू करने जा रहा है। बीपीएल की अंतिम सूची तैयार करने से पहले संबंधित क्षेत्र के लोग अब पंचायतीराज विभाग को आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे।

शिकायत के लिए मिलेगा एक माह का समय

ग्रामसभा किसी अपात्र को बीपीएल सूची में शामिल करती है, तो उस क्षेत्र के लोगों को आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए एक महीने का समय देगा। लोग विभाग या संबंधित अधिकारियों को गुप चुप तरीके से आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। पंचायतीराज विभाग की ओर से ऐसे लोगों का नाम और जानकारी को गोपनीय रखेगा। आपत्तियां दूर करने के लिए विभाग विशेष ग्रामसभा आयोजित करेगा। यह प्रक्रिया 30 दिन में पूरी होगी। विभाग एक महीने बाद संबंधित पंचायत को दोबारा से विशेष ग्रामसभा आयोजित करने का आदेश देगी। उसके बाद ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित करके ऐसे व्यक्ति को बीपीएल से बाहर किया जाएगा। इससे पहले कोई भी आपत्तियां नहीं डाल सकता था। ऐसा पहली बार किया गया है।

ग्रामसभा की बैठकों की होगी वीडियोग्राफी

पहली बार विभाग की ओर से ग्राम सभा की बैठकों की वीडियोग्राफी करवाने की भी योजना है, ताकि हर निर्णय का रिकार्ड बना रहे। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को देखते हुए विभाग इसकी कार्यप्रणाली में भी बदलाव करने जा रहा है।

गंभीरता से ली जाएंगी लोगों की आपत्तियां

ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्‍त निदेशक अनिल शर्मा का कहना है जो लोग सही मायने में बीपीएल सूची में आने का हक रखते हैं, उन्‍हीं को अवसर दिया जाएगा। लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाएगा। आपत्तियों को देखते हुए विशेष ग्रामसभा में उन मामलों को उठाकर ऐसे लोगों को बाहर किया जाएगा।

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