अब ईडी करेगी फार्मा कंपनियों की जांच

हिमाचल में लाइसेंस का दुरुपयोग करने वाली फार्मा कंपनियों की अब खैर नहीं होगी। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर कानूनी शिकंजा कसेगा। ऐसी कंपनियों की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी करेगी। जिन कपंनियों ने अवैध कारोबार से जो भी संपत्ति अर्जित की होगी उसे जब्त किया जाएगा।

Vijay BhushanWed, 09 Jun 2021 09:01 PM (IST)
फार्मा कंपनियों के मामलों की ईडी जांच करेगा। प्रतीकात्मक

शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल में लाइसेंस का दुरुपयोग करने वाली फार्मा कंपनियों की अब खैर नहीं होगी। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर कानूनी शिकंजा कसेगा। ऐसी कंपनियों की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी करेगी।

जिन कपंनियों ने अवैध कारोबार से जो भी संपत्ति अॢजत की होगी, उसे जब्त किया जाएगा। इस संबंध में राज्य पुलिस विभाग ने कई कपंनियों के काले कारानामों की जानकारी ईडी से भी साझा की है और अवैध कारोबार से अॢजत संपत्तियों को अटैच करने का आग्रह किया है। प्रदेश पुलिस विभाग ने फार्मा ओपियोड के दुरुपयोग को गंभीरता से लिया है। पुलिस विभाग के अनुसार प्रदेश में एनडीपीएस अधिनियम की अनुसूची में सूचीबद्ध फार्मा ओपियोड/ साइकोटोपिक पदार्थों के उत्पादन के लाइसेंस वाले 139 कारखाने हैं। इनमें से कुछ को लाइसेंस का दुरुपयोग करते हुए और फार्मा उत्पादों को अवैध बाजार में बेचते हुए पाया गया है।

सिरमौर जिले के पांवटा साहिब और कालाअंब के कुछ फार्मा उद्योगों में नशीली दवाओं के मिलने के बाद पुलिस विभाग चौकस हो गया है। पुलिस जांच से पता चला है है कि फार्मा उद्योगों ने जिन कंपनियों के लिए माल तैयार किया था, वे अस्तित्व में भी नहीं हैं। एसपी कानून व्यवस्था भगत ठाकुर ने कहा कि राज्य पुलिस विभाग को ड्र्ग फ्री हिमाचल की दिशा में प्रयासरत है।

बेनिन की सूचना पर केस दर्ज

बेनिन (अफ्रीका के एक देश) ने सीबीआइ के इंटरपोल डिवीजन को एक सूचना दी। इसे सीबीआइ के इंटरपोल डिविजन ने हिमाचल पुलिस से साझा किया है। इसके आधार पर प्रदेश पुलिस ने पांटा साहिब स्थित एक फार्मास्टयूकिल्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने 1.75 करोड़ ट्रामाडोल टेबलेट जिसकी कीमत पांच करोड़ के आसपास है में गड़बड़झाला किया जबकि अवैध बाजार में इसकी कीमत 100 करोड़ रुपये तक आंकी गई है।

30 केस, 39 लोग गिरफ्तार

हिमाचल पुलिस फार्मा ओपियोड की अवैध आपूॢत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसके तहत स्टाकिस्ट, फार्मा कपंनियों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करते हुए गिरफ्तारियां भी की जा रही हैं। चालू वर्ष में ही बीते अप्रैल तक 30 केस दर्ज करते हुए 39 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 2018 में 98 केस दर्ज करते हुए 125 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 2019 में 72 केस और 85 गिरफ्तार तथा 2020 में 105 केस तथा 129 लोगों को गिरफ्तार किया था।

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