हिमाचल में इंजीनियरिंग से कम हुआ रुझान, नौ निजी बहुतकनीकी संस्थान हुए बंद

धर्मशाला, जेएनएन। विद्यार्थियों की कम संख्या और अव्यवस्थाओं की मार झेलते हुए प्रदेश के नौ निजी बहुतकनीकी संस्थान बंद हो गए हैं। इसमें इंजीनियरिंग करने में कम हो रहा रुझान भी वजह माना जा रहा है। इस कारण हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने 27 नवंबर से होने वाली री-अपीयर परीक्षा के लिए केंद्रों में बदलाव किया है। साथ ही परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड संबंधित संस्थानों को भेज गए हैं।  विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों से ही एडमिट कार्ड प्राप्त करने होंगे। बंद हुए संस्थानों के परीक्षार्थियों के प्रेक्टिकल भी निर्धारित केंद्रों में ही आयोजित किए जाएंगे, इसके लिए केंद्र में छात्र खुद ही संपर्क कर सकते हैं।

तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव सुनील वर्मा ने बताया कि इस संबंध में वेबसाइट में सूची अपडेट कर दी है। उन्होंने बताया कि एमजी बुहला टिप्पर, गौतम पॉलीटेक्निक, एमआईटी बणी हमीरपुर के विद्यार्थियों को राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर, कांता कॉलेज जवाली के छात्र राजकीय बहुतकनीकी संस्थान कांगड़ा, एमसी बडू मलवाणा और सेंथल की राजकीय संस्थान सुंदरनगर, देवभूमि पॉलीटेक्निक हरोली के छात्रों को डॉ. बीआर पॉलीटेक्निक अंबोटा, एआईटी नालागढ़ की ग्रीन हिल्स सोलन, हिमालयन पॉलीटेक्निक कालाअंब के हिमालय इंस्टीट्यूट के बी फार्मेसी में, बेल्स इंस्टीटयूट मेहली शिमला और गौरीशंकर पॉलीटेक्निक कॉलेज सोलन के छात्रों को एनआर पॉलीटेक्निक सोलन, अभिलाषी ग्रुप ऑफ कॉलेज मंडी के छात्रों को डीआर अभिलाषी मेमोरियल मंडी व मिनर्वा पॉलीटेक्निक इंदौरा के छात्रों की परीक्षाएं वैष्णो कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कांगड़ा में करवाई जाएंगी।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.