जानिए क्यों, नगर निगम पालमपुर को कंपनी को देने होंगे सवा आठ लाख रुपये

तत्कालीन नगर परिषद पालमपुर की ओर से बहुमंजिला पार्किंग निर्माण में निजी कंपनी से एमओयू रद किए जाने का भुगतान अब नगर निगम को करना होगा। आर्बिट्रेशन में फंसे मामले को लेकर आर्बिट्रेटर की ओर से संबंधित कंपनी के पक्ष में आठ लाख 32 हजार की राशि अवार्ड की है।

Virender KumarSun, 01 Aug 2021 09:35 PM (IST)
नगर निगम पालमपुर को कंपनी को देने होंगे सवा आठ लाख रुपये। जागरण आर्काइव

पालमपुर, संवाद सहयोगी। तत्कालीन नगर परिषद पालमपुर की ओर से बहुमंजिला पार्किंग निर्माण में निजी कंपनी से एमओयू रद किए जाने का भुगतान अब नगर निगम को करना होगा। लंबे अर्से तक आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता प्रमुख) में फंसे मामले को लेकर आर्बिट्रेटर की ओर से संबंधित कंपनी के पक्ष में आठ लाख 32 हजार रुपये की राशि अवार्ड की है। यह राशि कंपनी की ओर से खर्च की गई राशि के भुगतान के रूप में है।

ट्रिपल-पी मोड पर प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग की प्रस्तावना लगभग दो दशक पूर्व की गई थी। हालांकि पार्किंग निर्माण के लिए तत्कालीन सरकार ने बड़ी राशि नगर परिषद के खाते में जमा करवाई थी, लेकिन इसके बाद सरकार बदलते ही प्रो. प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा से इसे ट्रिपल-पी मोड़ में बनाए की घोषणा कर दी। इसके बाद तत्कालीन नगर परिषद ने ट्रिपल-पी मोड में प्रस्तावित पार्किंग स्थल निर्माण के लिए निजी कंपनी से एमओयू किया।

कंपनी ने कार्य को आगे बढ़ाते हुए पार्किंग स्थल को समतल किया। वहीं दो बार शिलान्यास भी हो चुके हैं। डेढ़ दशक बाद भी कार्य आरंभ नहीं होने के बाद नगर परिषद ने कंपनी के साथ किए एमओयू को रद करने का निर्णय लिया। इसके पश्चात यह मामला आर्बिट्रेशन में पहुंचा था। संबंधित कंपनी ने प्रस्तावित पार्किंग स्थल पर किए गए कार्य की एवज में 50 लाख की राशि तत्कालीन नगर परिषद से मांगी थी। बताया जा रहा है कि कंपनी के इस क्लेम पर आर्बिट्रेटर ने संबंधित कंपनी के पक्ष में निर्णय लिया तथा 8.32 लाख रुपये की राशि कंपनी के पक्ष में अवार्ड कर दी है। इसी वर्ष नगर निगम के गठन उपरांत अब यह मामला नगर निगम के पाले में आ गया है। ऐसे में नगर निगम ने नगर विकास निदेशालय के समक्ष मामले को प्रस्तुत कर दिया गया है।

उधर, नगर निगम पालमपुर आयुक्त विनय धीमान ने बताया कि पार्किंग स्थल को लेकर अब नगर निगम अपने स्तर पर प्रयास करेगा। आर्बिट्रेटर की ओर से संबंधित कंपनी के पक्ष में धनराशि अवार्ड की है। इस मामले को निदेशालय स्तर पर टेकअप किया गया है तथा आगामी कार्रवाई को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।

प्रस्तावना से ही सुर्खियों में रही बहुमंजिला पार्किंग

पुरानी सब्जी मंडी के समीप प्रस्तावित पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर आरंभ से ही सुर्खियों में रहा है। सरकार बदलने के साथ ही कभी शिलान्यास तो कभी भूमि पूजन के नाम पर नगर परिषद व निजी कंपनी ने धन की वर्बादी की। परंतु धरातल पर कोई कार्य नहीं हो सका। यहां तक कि प्रस्तावित स्थल के

परिधि में आए व्यावसायिक परिसर व सुलभ शौचालय को भी हटा दिया गया। तब से आज तक यहां लोगों को शौचालय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। 2018 में तत्कालीन नगर परिषद ने कास्ट कङ्क्षटग के लिए व्यावसायिक परिसर निर्माण न करने का निर्णय लेकर नए सिरे से डीपीआर तैयार की थी। 3.8 करोड़ रुपये की डीपीआर मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजी गई थी। यद्यपि संबंधित निजी कंपनी ने एमओयू रद किए जाने को लेकर चुनौती दी थी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.