शहर का कूड़ा, ग्रामीणों के लिए मुसीबत

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राजेंद्र डोगरा धर्मशाला बेशक डंपिंग साइट को हटाने के लिए सुधेड़वासी लगातार आवाज बुलंद

JagranMon, 05 Apr 2021 02:32 AM (IST)

राजेंद्र डोगरा, धर्मशाला

बेशक डंपिंग साइट को हटाने के लिए सुधेड़वासी लगातार आवाज बुलंद करते रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया है। गर्मी का सीजन शुरू होने को है, और लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही। डंपिंग साइट के नजदीक से होकर गुजरना किसी आफत से कम नहीं है। हालांकि बागेश्वरी महिला मंडल सुधेड़ ने डंपिग साइट की शिकायत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से भी की थी, लेकिन अभी तक स्थानीय लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। ज्यादातर परेशानी सुधेड़ के बाशिदों को गर्मी के मौसम व बरसात में आती है, क्योंकि गर्मियों में अकसर यहां आग लग जाती है, जिसके धुएं के कारण क्षेत्र का वातावरण दूषित हो जाता है, जबकि बरसात में मक्खी व मच्छरों के कारण लोगों का जीवन दुर्भर हो जाता है।

नगर निगम धर्मशाला की अव्यवस्थित डंपिग साइट को लेकर एनजीटी व हाईकोर्ट तक शिकायत की गई। बावजूद इसके अभी तक समस्या वैसी ही बनी हुई है। अब जल्द समस्या का समाधान न होने पर डंपिग साइट में ही लोग हड़ताल पर बैठ जाएंगे।

-सुनीता ठाकुर, प्रधान, बागेश्वरी महिला मंडल सुधेड़। इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन व निगम को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कूड़े-कचरे का निष्पादन करने की बजाय ढेर ही लगाए जा रहे हैं, जिससे समस्त क्षेत्र दूषित हो रहा है।

-संतोष धीमान। नगर निगम धर्मशाला की गंदगी का बोझ उठाते हुए सुधेड़ के समस्त क्षेत्र को बदबू का सामना हर दिन करना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण व कई गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।

-रक्षा देवी। पर्यटन नगरी के प्रवेश द्वार पर कूड़े का ढेर है, जिसे अब चादर लगाकर ढकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसा करने से समस्या समाप्त नहीं हो जाएगी। क्षेत्र की कूहल में लगातार गंदगी पहुंच रही है और उनके खेत भी दूषित हो रहे हैं। समस्या के समाधान के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहे हैं।

-तृप्ता देवी, सदस्य बागेश्वरी महिला मंडल। एमसी चुनाव में हवा-हवाई बातें की जा रही हैं, जबकि जो धरातल पर उतारने वाले मुद्दे हैं, वह गायब दिख रहे हैं। जल्द ही इसे लेकर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो हड़ताल डंपिंग साइट के बाहर शुरू कर दी जाएगी। बदबू व दूषित वातावरण से अगर कोई बीमार होता है या उसकी मौत होती है तो सरकार, नगर निगम व प्रशासन ही इसके जिम्मेदार होंगे।

-सरला देवी। सुधेड़वासियों की समस्या से सभी अवगत हैं। समस्या के समाधान के लिए बकायदा डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है, जबकि प्लास्टिक कचरे को सीमेंट कंपनियों को भेजा रहा है। इसके अलावा साइट पर भी कूड़ा अलग-अलग किया जा रहा है। साइट का मामला क्लीयरेंस के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद यहां बकायदा यूनिट भी स्थापित होगी। साथ ही इस दिशा में गीले कचरे को अलग से रखने का भी प्रविधान किया गया है। जल्द ही सुधेड़वासियों की समस्या का हल होगा।

-देवेंद्र जग्गी, निवर्तमान महापौर नगर निगम धर्मशाला।

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