गोविंद ठाकुर बोले, राष्ट्रीय शिक्षा नीति समाज में लाएगी बड़ा बदलाव, वैश्‍विक ज्ञान का केंद्र बनेगा भारत

Education Minister Govind Thakur शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा 1857 के विद्रोह को पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है जब अंग्रेजी हुकुमत को देश से उखाड़ फेंकने का संकल्प आरंभ हुआ था। यह निश्चित तौर पर ऐसी लोकप्रिय क्रांति थी जिसमें भारतीय शासक जनसमूह सेना शामिल थी।

Rajesh Kumar SharmaSun, 19 Sep 2021 02:44 PM (IST)
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा 1857 के विद्रोह को पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है

मनाली, जागरण संवाददाता। Education Minister Govind Thakur, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा 1857 के विद्रोह को पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है जब अंग्रेजी हुकुमत को देश से उखाड़ फेंकने का संकल्प आरंभ हुआ था। यह निश्चित तौर पर ऐसी लोकप्रिय क्रांति थी, जिसमें भारतीय शासक, जनसमूह, किसान और नागरिक सेना शामिल थी। वह आज मनाली में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना समिति हिमाचल प्रदेश, भारतीय अनुसंधान परिषद दिल्ली और इतिहास शोध संस्थान नेरी द्वारा मनाली में आयोजित ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत ‘हिन्द स्वराज 1857 से 1947 तक का संघर्ष’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।

गोविंद ठाकुर ने कहा आजादी के इतिहास को जानना भावी पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है और इसे जानने के लिए एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था का होना जरूरी है, जिसमें भारतीय संस्कार, भारतीय ज्ञान और पूरी तरह से भारतीयता का समावेश हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक संस्कृति नीति लाई है जिसमें अनेकों बुद्धिजीवियों का सहयोग और सुझाव लेकर इसमें महापुरूषों के विचारों को सम्मिलित किया गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति बच्चों को ऐसा वैश्विक ज्ञान देने की ताकत रखती है जिससे भारत वैश्विक ज्ञान का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा लार्ड मैकाले ने भारत के लिए जो शिक्षा नीति लाई थी वह गुलाम बनाने की नीति थी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लाया है जिसे लागू करना हम सभी की जिम्मेवारी है। इस नीति में भारतीय मूल्यों, संस्कृति व परम्पराओं का ज्ञान बच्चों को मिलेगा।

जाने-माने इतिहासकार डॉक्‍टर प्रशांत गौरव ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए 1857 की क्रांति से लेकर आजादी तक के इतिहास की मुख्य घटनाओं का उल्लेख किया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्‍टर चेत राम ने भी भारत की आजादी के गौरवमयी इतिहास की जानकारी दी। लेखक व साहित्यकार डाक्‍टर सूरत ठाकुर ने कुल्लू जिला के योगदान का उल्लेख किया।  प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, अध्यक्षा महिला मोर्चा मनाली जिन्दु ठाकुर, एसडीएम डाक्‍टर संदीप ठाकुर सहित अनेक इतिहासकार व साहित्यकार इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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