Manimahesh Yatra: कोरोना के कारण मणिमहेश यात्रा पर इस बार भी रोक, प्रशासन हड़सर से लौटाएगा श्रद्धालु

Manimahesh Yatra कोरोना महामारी के कारण भरमौर प्रशासन ने इस बार फिर मणिमहेश यात्रा न करवाने का निर्णय लिया है। भरमौर के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) संजय धीमान की अध्यक्षता में हुई मणिमहेश न्यास की बैठक में यात्रा को रद करने का फैसला लिया गया।

Vijay BhushanWed, 28 Jul 2021 08:37 PM (IST)
चंबा जिले में स्थित मणिमहेश झील। जागरँण आर्काइव

भरमौर, संवाद सहयोगी। Manimahesh Yatra, कोरोना महामारी के कारण भरमौर प्रशासन ने इस बार फिर मणिमहेश यात्रा न करवाने का निर्णय लिया है। भरमौर के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) संजय धीमान की अध्यक्षता में हुई मणिमहेश न्यास की बैठक में यात्रा को रद करने का फैसला लिया गया। इस वर्ष 30 अगस्त जनमाष्टमी से 12 सितंबर राधाष्टमी के बीच मणिमहेश यात्रा की अवधि है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि कोरोना की वजह से इस वर्ष भी यात्रियों को मणिमहेश यात्रा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एडीएम संजय धीमान ने कहा कि जन्माष्टमी व राधाष्टमी पर्व पर पारंपरिक धार्मिक रस्मों का ही निर्वहन किया जाएगा। केवल शिव चेलों व यात्रा से जुड़ी कुछ मुख्य छडिय़ों को यात्रा की अनुमति होगी। चेलों के साथ जाने वाले स्थानीय पूजाकारों को उपमंडलाधिकारी के पास 10 दिन पूर्व जानकारी देनी होगी। हालांकि इस वर्ष प्रशासन मणिमहेश रास्तों की मरम्मत, रास्ते में पेयजल व शौचालयों की व्यवस्था भी करने जा रहा है।

प्रंघाला में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी। यात्रा के मुख्य पड़ावों भरमौर, भरमाणी, हड़सर, धन्छो, गौरीकुंड व मणिमहेश में पुलिस की तैनाती की जाएगी। लोगों की सीमित संख्या के बावजूद किसी दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल भी तैनात किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों को सूचित किया है कि वे मणिमहेश यात्रा पर न जाएं नहीं तो उन्हें बीच रास्ते से लौटा दिया जाएगा। यात्रा के दौरान भरमौर क्षेत्र में भीड़ न बढ़े, इसके लिए जिला प्रशासन से चंबा जिला की सीमाओं पर बैरियर स्थापित करने की मांग की जाएगी।

मौसम विभाग की चेतावनी के दृष्टिगत हड़सर में पुलिस तैनात कर लोगों को मणिमहेश की ओर जाने से रोकने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन हर वर्ष जन्माष्टमी से राधाष्टमी की अवधि में मणिमहेश यात्रा की व्यवस्था करता है। यात्रियों के ठहरने के लिए टेंट, भोजन के लिए लंगर, सुरक्षित पैदल व घोड़ा मार्ग, पेयजल, शौचालयों, सफाई, कानून व्यवस्था व सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस, राहत एवं बचाव कार्य के लिए पर्वतारोहण की टीम, स्वास्थ्य लाभ के लिए स्वास्थ्य शिविरों की भी व्यवस्था करवाता है। इस बार टेंट केवल शिव चेलों व ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए होंगे। एक दो स्वास्थ्य शिविर भी स्थापित किए जाएंगे।

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