स्‍टाफ की कमी से जूझ रहा धर्मशाला अस्‍पताल, अन्‍य स्‍टाफ सहित 15 और चिकित्‍सकों की दरकार

क्षेत्रीय चिकित्सलाय धर्मशाला में स्‍टाफ की कमी है।
Publish Date:Mon, 26 Oct 2020 01:35 PM (IST) Author: Rajesh Sharma

धर्मशाला, नीरज व्यास। क्षेत्रीय चिकित्सलाय धर्मशाला को वर्तमान में कोविड-19 जिला अस्पताल बनाया गया है। अस्पताल चंबा, हमीरपुर व ऊना के मरीजों की भी यहां पर देखभाल कर रहा है। एेसे में क्षेत्रीय चिकित्सालय को सारी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत पड़ रही है। जिसे दायें बायें के चिकित्सालयों से पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में चिकित्सालय में 15 के करीब चिकित्सक अौर 20 के करीब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की दरकार है। यह स्टाफ मिल जाए तो अस्पताल में तमाम व्यवस्था बेहतरीन हो जाएगी। अभी वर्तमान में अस्पताल में सिर्फ अोपीडी चल रही है, जबकि इंडोर मरीजों को दाखिल नहीं किया जा रहा है। अस्पताल में सिर्फ अौर सिर्फ इंडोर कोरोना संक्रमित मरीजों को ही दाखिल किया जा रहा है।

कोरोना काल से पहले यहां पर अोपीडी 1200 व इंडोर मरीजों की संख्या 150 से अधिक थी। लेकिन वर्तमान में 100 बिस्तरों की व्यवस्था कोविड-19 के तहत यहां पर की गई है, जबकि कोरोना काल से पहले यहां पर 29 डॉक्टर थे, वर्तमान में अाठ नए डॉक्टरों ने ज्वाइन किया हुअा है। 37 चिकित्सालय वर्तमान में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि अभी भी 15 अतिरिक्त चिकित्सकों व 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की दरकार है। इस बारे में स्टाफ की उपलब्धता की मांग का पत्र निदेशालयन को क्षेत्रीय चिकित्सालय की तरफ से भेजा गया है। अभी अोपीडी में मरीज देखे जा रहे हैं पर दाखिल नहीं किए जा रहे हैं, जब मरीजों को दाखिल करने की व्यवस्था बनेगी तो उस समय व्यवस्था बनाने में प्रबंधन को काफी परेशानी होगी।

दवाओं की नहीं कोई कमी, हो रहे सभी टेस्ट

क्षेत्रीय चिकित्सालय की डिस्पेंसरी में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध है। दवाओं की कोई कमी नहीं है। यहां पर अोपीडी में अाने वाले मरीजों के लिए तमाम दवाएं उपलब्ध हैं। दवाओं की कमी नहीं है, जबकि अस्पताल में सभी प्रकार के टेस्ट हो रहे हैं। कोरोना से संबंधित विशेष टेस्ट अस्पताल में स्थापित लाल पैथ लैब से करवाया जा रहा है।

कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 24 घंटे पांच डाक्टर दे रहे सेवा

धर्मशाला कोविड-19 अस्पताल में 24 घंटे मरीजों की देखभाल के लिए पांच डाक्टर तैनात हैं। इनके अलावा दो स्टाफ नर्स, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व सफाई कर्मचारी तैनात हैं, जिन्हें दस दिन की ड्यूटी के बाद दस दिन तक संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाता है। कोविड-19 के मरीजों के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर राउंड करते हैं। इसके अलावा जब मरीज ज्यादा जरूरी हो तो एनस्थीशिया के डॉक्टर भी राउंड करते हैं। वर्तमान में क्षेत्रीय चिकित्सालय के डॉक्टर कोविड-19 के मरीजों के लिए काम कर रहे हैं।

कोविड-19 अस्पताल बनने के बाद धर्मशाला में 21 वैंटिलेटर स्थापित

कोविड-19 अस्पताल बनने के बाद धर्मशाला में 21 वैंटिलेटर स्थापित हो चुके हैं। पहले एक ही वैंटिलेटर था, अब वैंटिलेटर की संख्या बढ़ाई गई है। यहां अा रहे कोविड-19 मरीजों को सुविधा देने के लिए वैंटिलेटर स्थापित हैं। अॉक्सीजन की किसी तरह से कोई कमी न हो, इसकी पूरी व्यवस्था की गई है। पचास के करीब अॉक्सीजन सिलेंडर विभाग के पास मौजूद हैं।

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