गेहूं बीजने के कितने दिन तक नहीं करनी चाहिए सिंचाई, बगीचों की किस तरह करें देखभाल, जानिए विशेषज्ञों से

Himachal Pradesh Farmers News डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के विज्ञानियों ने किसानों-बागवानों के लिए साप्ताहिक सलाह जारी की है। विज्ञानियों के अनुसार किसानों को खरपतवार नियंत्रण व फसलों को रोगों से बचाने के लिए निराई और गुड़ाई करनी चाहिए।

Rajesh Kumar SharmaPublish:Tue, 30 Nov 2021 06:26 AM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 07:35 AM (IST)
गेहूं बीजने के कितने दिन तक नहीं करनी चाहिए सिंचाई, बगीचों की किस तरह करें देखभाल, जानिए विशेषज्ञों से
गेहूं बीजने के कितने दिन तक नहीं करनी चाहिए सिंचाई, बगीचों की किस तरह करें देखभाल, जानिए विशेषज्ञों से

सोलन, संवाद सहयोगी। Himachal Pradesh Farmers News, डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के विज्ञानियों ने किसानों-बागवानों के लिए साप्ताहिक सलाह जारी की है। विज्ञानियों के अनुसार किसानों को खरपतवार नियंत्रण व फसलों को रोगों से बचाने के लिए निराई और गुड़ाई करनी चाहिए। सब्जियों के खेतों में सप्ताह के भीतर हल्की सिंचाई करनी चाहिए। पशुओं को ठंड से बचाने के लिए गौशाला में बेहतर व्यवस्था की जाए। लहसुन के खेतों में निराई व गुड़ाई करें। गेहूं की फसल में पहली सिंचाई बिजाई के 21-25 दिन बाद चाहिए। सिंचाई के बाद यूरिया की दूसरी खुराक डालें। गुलाबी तना छेदक रोग के लिए गेहूं की फसल की नियमित निगरानी करें।

बगीचों में यूरिया का छिड़काव करें

सेब के पौधों की पत्तियां गिरने से पहले पांच प्रतिशत यूरिया का छिड़काव करना चाहिए। इससे  केंकर रोग को नियंत्रित करने के लिए बगीचों में 600 ग्राम कापर आक्सीक्लोराइड को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। वूली एफिड के हमले को नियंत्रित करने के लिए तने पर पीले रंग की पट्टी का प्रयोग करें। फलदार पौधे रोपने के लिए 15-20 दिन पहले गड्ढे कर लें। संक्रमण से बचने के लिए टूटी हुई शाखाओं पर बोर्डेक्स पेस्ट लगाएं।

प्याज पनीरी रोपाई का उचित समय

प्याज की नर्सरी को मध्य पहाड़ी क्षेत्र में 8-10 किलोग्राम/हेक्टेयर या 800 ग्राम/बीघा दर से बुआई करें। निचले पहाड़ी क्षेत्र में यदि किसानों ने प्याज की नर्सरी तैयार कर ली है तो खेतों में 10 से 15 सेंटीमीटर की दूरी पर रोपाई करें। फूलगोभी व अन्य फसलों में तेला कीट के हमले को नियंत्रित करने के लिए 15 लीटर पानी में मेलाथियान 50 प्रतिशत ईसी 15 मिलीलीटर का छिड़काव करें।