मामला झूठा पाए जाने पर पंचायत लगा सकती है दो सौ रुपये तक का जुर्माना, जानिए पंचायत की शक्तियां

मामला झूठा पाया जाने पर पंचायत व्‍यक्‍ित से दौ सौ रुपये का हर्जाना वसूल सकती है।

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 39 उस स्थिति को स्पष्ट करती है जहां पर कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे पर उसे तंग करने के लिए झूठा मुकद्दमा लगा देता हो। तो पंचायत झूठा मुकद्दमा लगाने वाले को हर्जाना देने का आदेश दे सकती है।

Richa RanaThu, 07 Jan 2021 12:05 PM (IST)

जसवां परागपुर, साहिल ठाकुर। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 39 उस स्थिति को स्पष्ट करती है जहां पर कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे पर, उसे तंग करने के लिए झूठा मुकद्दमा लगा देता हो। ऐसी स्थिति में अगर पंचायत को यह स्पष्ट हो जाता है कि मुकद्दमा झूठा और जानबूझकर तंग करने के लिए लगाया गया हो, तो पंचायत झूठा मुकद्दमा लगाने वाले को यह आदेश दे सकती है कि जिसके खिलाफ यह झूठा मामला लगाया गया है उसे हर्जाना दें। इस हर्जाने  की राशि अधिकतम 200 रुपये तक हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 57 व 58 इस धारा के अंतर्गत यह प्रतिबंध है कि कोई भी वकील किसी पक्ष की ओर से पैरवी या वकालत करने के लिए ग्राम पंचायत के सामने पेश नहीं हो सकता है। वाद व अभियोग की पैरवी पक्ष को स्वयं करनी होगी। यदि किसी कारणवश स्वयं पैरवी  नहीं कर सकते तो वह अपने किसी प्रतिनिधि को जिसे पंचायत स्वीकार करे, से पैरवी करा सकते हैं परंतु कोई वकील व कानूनी व्यवसायी किसी की पैरवी करने के लिए प्रतिनिधि नहीं हो सकता।

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 67 के अनुसार ग्राम पंचायत के निर्णय के विरुद्ध तीस दिनों के अंदर किसी भी वाद या मामले में न्यायिक मैजिस्ट्रेट/उप न्यायाधीश को और हिमाचल प्रदेश भू - राजस्व अधिनियम, 1953 (1965 का 6) के अधीन किसी कार्यवाही के बारे में संबंधित कलेक्टर को, अपील की जा सकती है। अपील करने का अधिकारी शिकायतकर्ता अथवा जिसके खिलाफ शिकायत की गई है ,दोनों को है। सक्षम न्यायालय अपील को रद्द भी कर सकता है तथा साथ में 50 रुपये तक जुर्माना भी कर सकता है।

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 68 के अनुसार यदि अपील नहीं की जाती है तो पंचायत का फैसला अंतिम होगा। धारा 69 के अंतर्गत यदि कोई अपील तुच्छ समझी जाएगी तो अपीलार्थी को यथास्थिति संबंधित मैजिस्ट्रेट, सब जज या कलेक्टर द्वारा 50 रुपये तक का जुर्माना  किए जाने का प्रावधान है।

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