Himachal School Reopen: बंद कमरे की बजाय मैदान में लगेंगी कक्षाएं, 5वीं व 8वीं के विद्यार्थी भी आ सकेंगे स्‍कूल

Himachal School Reopen हिमाचल प्रदेश में दो अगस्त से स्कूल खुलेंगे। इस दौरान दसवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगेंगी। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि शिक्षा विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है।

Rajesh Kumar SharmaSat, 31 Jul 2021 08:07 AM (IST)
हिमाचल प्रदेश में दो अगस्त से स्कूल खुलेंगे।

शिमला, जागरण संवाददाता। Himachal School Reopen, हिमाचल प्रदेश में दो अगस्त से स्कूल खुलेंगे। इस दौरान दसवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगेंगी। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि शिक्षा विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत हर स्कूल के मुख्य द्वार पर हाथ धोने की व्यवस्था रहेगी, सैनिटाइजेशन और शारीरिक दूरी के नियम का पालन होगा। मौसम साफ रहने पर खुले मैदान में कक्षाएं लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 94 फीसद शिक्षकों को कोरोना के टीके लग चुके हैं। स्कूलों में थर्मल स्कैनिंग, माइक्रो प्लानिंग के साथ कक्षाएं लगाई जाएंगी।

प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिए फैसले के बाद सभी स्कूलों में तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, कोरोना से बचाव के लिए बनाए नियमों का पालन करते हुए पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी दो अगस्त से स्कूलों में शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए आने की अनुमति होगी। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए नियमों का पालन करवाने का जिम्मा स्कूल के मुखिया को सौंपा है। आवासीय और आंशिक आवासीय स्कूलों को खोलने की भी मंजूरी दी है। यह फैसला सरकारी के साथ निजी स्कूल-कालेज और कोचिंग संस्थानों पर भी लागू होगा। प्रदेश के किसी भी प्रशिक्षण संस्थान पर सिर्फ उसी व्यक्ति को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें कोरोना का टीका लग चुका होगा।

स्कूलों में कोरोना के सभी मापदंडों का पालन करना होगा। स्कूल में खेल की कक्षा के साथ सुबह की प्रार्थना सभा नहीं होगी। स्कूल में बच्चों को एक सीट छोड़ कर बिठाया जाएगा। स्कूल में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए खास तौर पर स्कूलों की कक्षाओं से लेकर परिसर को सैनिटाइज करने का काम शुुरू कर दिया है। स्कूल के मुखिया को अपने स्तर पर इस काम का जिम्मा संभालने के निर्देश दिए हैं।

एबीवीपी ने परीक्षा सह नियंत्रक का घेराव किया

शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की विश्वविद्यालय इकाई ने शुक्रवार को परीक्षा सह नियंत्रक का घेराव किया। इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रोफेशनल कोर्स में प्रतिवर्ष हजारों विद्यार्थी दाखिला लेते हैं, ताकि किसी विशेष क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकें। बीबीए और बीसीए के कोर्स तो महाविद्यालयों में भी चल रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इन विद्यार्थियों की सुध नहीं ले रहा है। पिछले बैच के विद्यार्थियों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी रीअपीयर की परीक्षाओं का परिणाम घोषित नहीं किया है। प्रदेश सरकार की ओर से प्रमोट करने के निर्णय के बावजूद अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह तय नहीं किया है कि परीक्षाएं होनी हैं या प्रमोट करना है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की फीस प्रशासन द्वारा 5000 और 20000 रुपये तक ली गई है। इसके बावजूद परीक्षाएं नहीं करवाई हैं। दूसरी तरफ प्रदेश के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में पीजी कोर्स के दाखिले के लिए आवेदन फार्म भरने की निश्चित तिथि समाप्त हो गई है। एबीवीपी ने  प्रशासन से मांग की है कि प्रोफेशनल कोर्सेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों की सुध ली जाए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.