Himachal Cabinet Meeting: तीन लाख विद्यार्थियों को बैग, 411 लोगों को मिलेगी नौकरी

Himachal Cabinet Meeting Today हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्‍वपूर्ण बैठक सोमवार को 11 बजे के बाद मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में शुरू हुई। बैठक 82 एजेंडा आइटम शामिल हैं। बैठक में स्‍कूली बच्‍चों के लिए तीन लाख बैग खरीदने के फैसले पर मुहर लगाई गई।

Rajesh Kumar SharmaTue, 30 Nov 2021 07:10 AM (IST)
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्‍वपूर्ण बैठक सोमवार को 11 बजे के बाद मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में शुरू हुई।

शिमला, राज्य ब्यूरो। Himachal Pradesh Cabinet Meeting, हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तीन लाख विद्यार्थियों को बैग मिलेंगे। इस पर नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। विभिन्न विभागों में 411 पद भरे जाएंगे। इलेक्ट्रिक वाहन पालिसी को भी मंजूरी दी गई। ये फैसले शिमला स्थित राज्य सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए।

स्कूल बैग पहली, तीसरी, छठी व नवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिलेंगे। खरीद के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने ई-निविदा के एल-1 निविदादाता मैसर्ज हाई स्पिरिट कमर्शियल वैंचर्ज प्राइवेट लिमिटेड को मंजूरी दी है। मंडी में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए द सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, मंडी, हिमाचल प्रदेश (स्थापना एवं विनिमयन) बिल, 2021 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।

करुणामूलक आधार पर भर्ती मामले में आयु सीमा के संबंध में मुख्य सचिव राम सुभाग ङ्क्षसह की प्रेजेंटेशन नहीं हुई। पांच दिसंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के प्रदेश दौरे से जुड़े कार्यक्रम की मंत्रिमंडल में चर्चा हुई।

सचिवालय में जेओए आइटी नहीं, लिपिक होंगे भर्ती

राज्य सचिवालय में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए आइटी) के स्थान पर लिपिक के 100 पद भरने को मंजूरी दी गई। 2022 और 2023 में संभावित रिक्तियों के मद्देनजर लिपिक के 50 पद भरे जाएंगे।

बीजे जाएंगे परंपरागत बीज

स्वर्ण जयंती परंपरागत बीज सुरक्षा एवं संवद्र्धन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक फसलों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि, पोषण सुरक्षा में सुधार और किसानों की आय दोगुनी करना है। इसके लिए खेतों में परंपरागत बीज बीजे जाएंगे।

टोल इकाइयों को टैक्स में छूट

बैठक में 2020-21 के लिए टोल फीस कम करने और छूट देने का फैसला भी लिया गया। कोरोनाकाल में जून 2020 से सितंबर 2020 तक राज्य में आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में लगे वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति देने के कारण टोल इकाइयों को हुए घाटे पर राहत दी गई। विशेष तौर पर ऐसी टोल इकाइयां, जिन्होंने नवीनीकरण के लिए पूरी राशि का भुगतान किया था।

स्ट्रीट वेंडर्ज को स्टांप डयूटी में राहत

शहरी क्षेत्रों में लागू प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्ज व रेहड़ी वालों इत्यादि के लिए स्वीकृत ऋण के लिए हाइपौथिकेशन अनुबंध पर स्टांप ड्यूटी घटाकर न्यूनतम 10 रुपये की गई है।

इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मसौदा स्वीकृत

सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग अधोसंरचना विकसित करने व निर्माण में लगे उद्योगों को अनुदान और अन्य प्रोत्साहन प्रदान करने के मद्देनजर इलेक्ट्रिक व्हीकल पालिसी के मसौदे को स्वीकृति दी गई। विद्युत चालित वाहनों का विकास व निर्माण हो सकेगा। लोग निजी वाहनों को इलेक्ट्रिक में भी बदल सकेंगे।

बिहार की कंपनी चलाएगी 108 व 102 एंबुलेंस

राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा आर जननी सुरक्षा योजना को संचालित करने के लिए बिहार की पीडीपीएल कंपनी को प्रदेश मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी। 108 व 102 एंबुलेंस के संचालन, रखरखाव व काल सेंटर सेवा के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ मेडसवान फाउंडेशन का चार साल के लिए अनुमोदन प्रदान किया है। वर्तमान में सेवाएं दे रही जीवीके के साथ करार 14 नवंबर को समाप्त हो गया है। जल्द ही नई कंपनी को एंबुलेंस सेवा के संचालन का जिम्मा सौंप दिया जाएगा।

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