सुशासन में हमीरपुर अव्वल, बिलासपुर दूसरे स्थान पर

जिला सुशासन सूचकांक में हमीरपुर जिला प्रदेशभर में अव्वल रहा है जबकि बिलासपुर को दूसरा और कुल्लू को तीसरा स्थान मिला है। मंडी जिला चौथे स्थान पर लुढ़क गया है। जिला सुशासन सूचकांक राज्य सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने तैयार किया है।

Neeraj Kumar AzadTue, 07 Dec 2021 10:09 PM (IST)
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से प्रथम पुरस्कार प्राप्त करतीं हमीरपुर की उपायुक्त देबश्वेता बनिक। जागरण

शिमला, राज्य ब्यूरो। जिला सुशासन सूचकांक में हमीरपुर जिला प्रदेशभर में अव्वल रहा है जबकि बिलासपुर को दूसरा और कुल्लू को तीसरा स्थान मिला है। मंडी जिला चौथे स्थान पर लुढ़क गया है। जिला सुशासन सूचकांक राज्य सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने तैयार किया है। शिमला स्थित राज्य सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला सुशासन सूचकांक वार्षिक प्रतिवेदन-2020 जारी किया। उन्होंने हमीरपुर, बिलासपुर तथा कुल्लू के उपायुक्त क्रमश: देबास्वेता बानिक, पंकज राय तथा आशुतोष गर्ग को सम्मानित किया। हमीरपुर को 50 लाख, बिलासपुर को 35 लाख व कुल्लू कों 25 लाख की राशि बतौर पुरस्कार मिली।

जिला सुशासन सूचकांक में जिला हमीरपुर ने सुधार करते हुए रैंङ्क्षकग में तीसरे स्थान से छलांग लगाकर पहला स्थान, जिला कुल्लू ने छठे से तीसरा स्थान हासिल किया। पिछली बार दूसरे स्थान पर रहा मंडी पिछड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया। बिलासपुर पहले से दूसरे स्थान पर आ गया। शिमला ने पिछले वर्ष के दसवें स्थान से बढ़कर पांचवां स्थान अर्जित किया है। इसे बेंगलुरु स्थित पब्लिक अफेयर केंद्र ने मान्यता दी है। इस संस्था की ओर से जारी छोटे एवं पहाड़ी राज्यों के सुशासन के सूचकांक में 2017 और 2018 के लिए राज्य को प्रथम पुरस्कार और 2019 के लिए द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया हैं। जिला सुशासन सूचकांक की यह दूसरी रिपोर्ट है और जिसके तहत सभी जिलों के तुलनात्मक आकलन के लिए सात विषय, 19 केंद्र ङ्क्षबदु और 75 संकेतक आंकड़े एकत्र किए गए।

प्रथम स्तर के सात विषय

सूचकांक में प्रथम स्तर पर सात विषय हैं : आवश्यक बुनियादी ढांचा, मानव विकास, सामाजिक संरक्षण, महिलाएं एवं बच्चे, अपराध एवं कानून व्यवस्था, पर्यावरण, दायित्व एवं पारदर्शिता।

दूसरे स्तर के 19 केंद्र बिंदु

दूसरे स्तर पर 19 केंद्र बिंदु हैं, जिनमें बिजली, पानी, सड़कें, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण योजना, सामाजिक न्याय, अल्पसंख्यक कल्याण, रोजगार, बच्चों एवं महिलाओं से संबंधित विषय, हिंसक अपराध, अत्याचार, पर्यावरणीय उल्लंघन, वन विस्तार तथा अंत में पारदर्शिता और दायित्व से संबंधित है।

तीसरे स्तर पर आंकड़ों का विश्लेषण

तीसरे स्तर में आधारभूत स्तर पर जिलों के 75 विशिष्ट परिवर्तनशील मौजूद आंकड़ों का एकीकरण तथा विश्लेषण किया गया है। जिला स्तर सूचकांक के आधार पर तीन स्तर के अंतिम परिणाम के आधार पर 12 जिलों की रैंङ्क्षकग की गई है।

0.203 अधिक अंक लेकर हमीरपुर शीर्ष पर

मात्र 0.203 अधिक अंक लेकर समग्र में जिला हमीरपुर उच्चतम स्तर पर पहुंचा है। तीन विषयों आवश्यक बुनियादी ढांचे, मानव विकास और सामाजिक सुरक्षा में दूसरे स्थान पर है। पर्यावरण सूचकांक में तीसरा, पारदर्शिता और दायित्व में चौथा, महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों के मामले, कानून और व्यवस्था विषयों में पांचवां स्थान हासिल किया है।

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