निजी बस आपरेटर की करोड़ों की राहत, मंत्रिमंडल का फैसला लागू

हिमाचल प्रदेश के निजी बस आपरेटर के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने करोड़ों की राहत से जुड़े हालिया मंत्रिमंडल फैसले को लागू कर दिया है। इसके तहत आपरेटर को बैंकों से पांच साल तक वर्किंग कैपिटल मिलेगी। इसके लिए वर्किंग कैपिटल स्कीम शुरू कर दी है।

Vijay BhushanMon, 21 Jun 2021 09:15 PM (IST)
निजी बस आपरेटरों को सरकार ने बड़ी राहत दी। जागरण आर्काइव

शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश के निजी बस आपरेटर के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने करोड़ों की राहत से जुड़े हालिया मंत्रिमंडल फैसले को लागू कर दिया है। इसके तहत आपरेटर को बैंकों से पांच साल तक वर्किंग कैपिटल मिलेगी। इसके लिए वर्किंग कैपिटल स्कीम शुरू कर दी है। बसों, मोटर कैब, मैक्सी, आटो रिक्शा, संस्थानों की बसों के लिए टोकन टैक्स में 50 फीसद की छूट प्रदान की है। जबकि निजी बसों का 50 फीसद विशेष पथकर में भी छूट प्रदान की है। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग ङ्क्षसह की ओर से अलग- अलग तीन अधिसूचनाएं जारी की गई हैं। इसके अनुसार वर्किंग कैपिटल स्कीम के तहत 1424 निजी बस ऑपरेटरों को पांच साल तक बैंक से कर्ज मिलेगा। पहले और दूसरे वर्ष 75 फीसद ब्याज सरकार देगी। अगले तीन वर्षों तक सारा ब्याज ऑपरेटरों को देना होगा। यह स्कीम पांच वर्ष के लिए होगी। इससे कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे ऑपरेटरों को बड़ा लाभ होगा।

टोकन टैक्स से परिवहन सेक्टर को संजीवनी मिलेगी। यह टोकन टैक्स पहली अगस्त, 2020 से इस वर्ष मार्च माह तक माफ हो गया है। इसके साथ ही मार्च से जून तक भी माफ कर दिया। जबकि निजी बसों का विशेष पथकर पहली अगस्त, 2020 से इस साल 30 जून तक माफ किया है।

कितनी मिलेगी वर्किंग कैपिटल

प्रति आपरेटर दो लाख रुपये की वर्किंग कैपिटल मिलेगी। एक आपरेटर को अधिकांश बीस लाख तक की सहायता मिलेगी। उधर, निजी बस आपरेटर संघ ने अधिसूचना जारी करने का स्वागत किया है। लेेकिन टोकन, विशेष पथकर का दायरा और बढ़ाने की मांग की है। संघ के महासचिव रमेश कमल ने सरकार के फैसले की सराहना की है। इसे लेकर संघ के पदाधिकारियों ने परिवहन मंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अगली मंत्रिमंडल बैठक में और राहत प्रदान करेगी।

1583 रूट सरकारी बसें चलीं, 700 निजी बसों ने दी सेवा

प्रदेश में सोमवार को 1583 रूट पर सरकारी बसें चलींं। इनमें करीब 40 फीसद आक्सुपेंसी रही। सरकार ने बसों में 50 फीसद सवारियां बैठाने की अनुमति दी है। हिमाचल पथ परिवहन निगम के महाप्रबंधक पंकज ङ्क्षसघला ने बताया कि लोगों की सुविधा के मद्देनजर बसों की संख्या बढ़ाई गई है। रविवार की तुलना में ये काफी ज्यादा है। उधर, सोमवार को निजी आपरेटर ने प्रदेशभर में करीब 700 बसें चलाई। संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर ने बताया कि लोग अभी यात्रा करने से परहेज कर रहे हैं।

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