कोविड के खतरे के कारण अभिभावकों की आनलाइन परीक्षाएं करवाने की पैरवी, पढ़ें खबर

Himachal Pradesh School राजधानी शिमला के स्कूलों में आनलाइन परीक्षाएं करवाने की मांग तेज हो गई है। छात्र अभिभावक मंच का प्रतिनिधिमंडल इस मसले को लेकर एडीएम शिमला से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। मंच ने वार्षिक परीक्षाएं व कक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की है।

Rajesh Kumar SharmaSun, 28 Nov 2021 07:12 AM (IST)
राजधानी शिमला के स्कूलों में आनलाइन परीक्षाएं करवाने की मांग तेज हो गई है।

शिमला, जागरण संवाददाता। राजधानी शिमला के स्कूलों में आनलाइन परीक्षाएं करवाने की मांग तेज हो गई है। छात्र अभिभावक मंच का प्रतिनिधिमंडल इस मसले को लेकर एडीएम शिमला से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। मंच ने एडीएम से उच्चतर शिक्षा निदेशक की ओर से 13 व 25 नवंबर तक के आदेशों के अनुसार नौवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं व कक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की है। एडीएम ने प्रदेश सरकार की अधिसूचना को स्कूल में लागू करवाने के लिए आदेश जारी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस संदर्भ में ताराहॉल व दयानंद स्कूल के प्रिंसिपल से बातचीत की व सरकार के आदेशों की पालना करने का निर्देश दिया।

प्रतिनिधिमंडल में छात्र अभिभावक मंच संयोजक विजेंद्र मेहरा, अनिल ठाकुर, महेश ठाकुर, मलिका शर्मा, महेश ठाकुर, रोमिता, भवदीप, मंजू, संगीता, जीवनलता, राधिका, विजय, किरण, प्रीति, रिमिका, ऋचा, सारिका, मीनाक्षी सहित दर्जनों अभिभावक मौजूद रहे। छात्र अभिभावक मंच संयोजक विजेंद्र मेहरा ने डीसी व एडीएम शिमला से ताराहॉल व दयानंद पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा तक की कक्षाएं व वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की है। उन्होंने ताराहॉल व दयानंद पब्लिक स्कूल प्रबंधन से प्रदेश सरकार की ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं के संदर्भ में 13 व 25 नवंबर की अधिसूचनाओं को सख्ती से लागू करने की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि अगर ये आदेश लागू न हए तो तारा हॉल व दयानंद स्कूल में अभिभावकों का आंदोलन तेज होगा। उन्होंने कहा कि इन आदेशों में साफ लिखा कि नौवीं कक्षा तक के छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं की मिश्रित सुविधा उपलब्ध करवाई जाए परंतु ताराहॉल व दयानंद स्कूल छात्रों के लिए आनलाइन कक्षाओं का प्रबंध नहीं कर रहे हैं। इस से छात्र रोज़मर्रा की पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं व मानसिक तौर पर प्रताड़ित हो रहे हैं। उन्होंने सिर्फ दस से पंद्रह दिन के लिए स्कूल खोलने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। सरकारी आदेश के अनुसार आनलाइन कक्षाएं व परीक्षाएं करवाने की मांग की है।

उन्होंने स्कूल को केवल दस से पंद्रह दिन के लिए खोलने के निर्णय को स्कूल प्रबंधन की अपरिपक्वता व संवेदनहीनता करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब पूरा वर्ष ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ही बच्चों ने पढ़ाई की है तो फिर वार्षिक परीक्षाएं व कक्षाएं ऑनलाइन करने में क्या दिक्कत है। इन दस दिनों के बाद स्कूल तीन महीने के लिए बंद रहेगा तो फिर स्कूल सिर्फ वार्षिक परीक्षाओं व दस दिन की कक्षाओं के लिए खोलने का क्या तुक बनता है।

उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र की वार्षिक परीक्षाएं बिल्कुल शुरू होने के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण शिमला शहर में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। स्कूलों में दर्जनों छात्र कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इस तरह स्कूलों में कक्षाओं व परीक्षाओं को लेकर अभिभावक व छात्र काफी घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र व अभिभावक ही स्कूल में कक्षाओं व परीक्षाओं के लिए तैयार नहीं हैं तो फिर दयानंद व तारा हॉल स्कूल प्रबंधन कक्षाओं व परीक्षाओं के संदर्भ में क्यों जबरदस्ती कर रहे हैं।

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