Drug Smuggling Case Baddi: जाली बिल के सहारे होती थी दवाओं की तस्करी, इन राज्‍यों में दबिश देगी सीआइडी

Drug Smuggling Case Baddi सोलन जिला के बद्दी स्थित मैसर्स जैनेट फार्मास्युटिकल्स कंपनी के खिलाफ सीआइडी की जांच हिमाचल सहित पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश राजस्थान में होगी। इस कंपनी में फर्जी बिल के सहारे दवाएं बेचने का काम होता था।

Virender KumarPublish:Mon, 06 Dec 2021 06:30 AM (IST) Updated:Mon, 06 Dec 2021 08:12 AM (IST)
Drug Smuggling Case Baddi: जाली बिल के सहारे होती थी दवाओं की तस्करी, इन राज्‍यों में दबिश देगी सीआइडी
Drug Smuggling Case Baddi: जाली बिल के सहारे होती थी दवाओं की तस्करी, इन राज्‍यों में दबिश देगी सीआइडी

शिमला, राज्य ब्यूरो। Drug Smuggling Case Baddi, मैसर्स जैनेट फार्मास्युटिकल्स कंपनी के खिलाफ सीआइडी की जांच हिमाचल सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में होगी। इस कंपनी में फर्जी बिल के सहारे दवाएं बेचने का काम होता था। कंपनी के कर्ताधर्ता खुद ही खरीद आर्डर तैयार करते थे और उस पर मुहर लगाकर दर्शा देते थे कि उत्पाद बेच दिया है। ऐसे में वह दवाएं खुले बाजार में बेचते थे। इसी कारण यह मामला तस्करी की श्रेणी में आया।

मंडी में दवा डीलर से पूछताछ

इस संबंध में सीआइडी ने मंडी के एक दवा डीलर से पूछताछ की है, जिसमें वह बेकसूर पाया गया है। उसे कंपनी ने दवा का सप्लाई नहीं दी, लेकिन कागजों में ही दर्शाई। गौरतलब है कि सोलन के बद्दी स्थित फार्मास्युटिकल कंपनी के खिलाफ सीआइडी ने बड़ी कार्रवाई की है। यह थोक दवा धारक ट्रेङ्क्षडग कंपनी है। इसका मुख्यालय मोहाली जिले के जीरकपुर में है। जांच एजेंसी बद्दी और जीरकपुर में दबिश दे चुकी है। मामले में कंपनी के मालिक पंजाब के बरनाला निवासी दिनेश बंसल और पानीपत के मैनेजर सोनू सैनी को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाहा की शिकायत के आधार पर की गई।

आज कई जगह दी जाएगी दबिश

सूत्रों के अनुसार सीआइडी सोमवार को कंपनी के कई ठिकानों पर दबिश देगी। इनमें पंजाब की बरनाला में एक फैक्टरी में भी कार्रवाई होगी। पंजाब में 2018-19 में ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के उल्लंघन के लिए कंपनी का थोक दवा लाइसेंस रद कर दिया था। इसके बाद 2019 में बद्दी में थोक दवा कारोबार शुरू किया।

फार्मा कंपनी के पास लाइसेंस तो था, लेकिन फर्जी बिल तैयार कर उनके आधार पर आरोपित खरीद आर्डर तैयार करते थे। दवाएं खुले बाजार में बेच देते थे। इन सब तथ्यों की जांच चल रही है। दो आरोपित पांच दिन के पुलिस रिमांड पर हैं।-दिनेश शर्मा, डीएसपी, स्टेट नारकोटिक्स क्राइम कंट्रोल यूनिट