शास्त्री व भाषा अध्यापक का पदनाम टीजीटी किया जाए

शास्त्री व भाषा अध्यापक का पदनाम टीजीटी किया जाए

राजकीय संस्कृत परिषद नूरपुर का एक प्रतिनिधिमंडल नूरपुर ब्लॉक के

JagranTue, 23 Feb 2021 08:49 PM (IST)

संवाद सहयोगी, नूरपुर : राजकीय संस्कृत परिषद नूरपुर का एक प्रतिनिधिमंडल नूरपुर ब्लॉक के प्रधान जसवीर सिंह राणा की अध्यक्षता में मंगलवार को वन मंत्री राकेश पठानिया से उनके निवास स्थान पर मिला। उन्होंने शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देने के बारे में मांगपत्र सौंपा।

उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम दिया गया है, लेकिन हिमाचल में अभी तक यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। इस कारण अध्यापक जिस पद पर नियुक्त होते हैं उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उन्हें पूरे सेवाकाल में पदोन्नति का अवसर प्राप्त नहीं होता। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम दिलाने के लिए मजबूती के साथ सरकार के समक्ष पक्ष रखें। इस अवसर पर जवाली ब्लॉक के प्रधान शेर सिंह शास्त्री, राजा का तालाब ब्लॉक से कमलेश शर्मा, कोषाध्यक्ष अमरजीत शास्त्री, चैन सिंह, गोविद सिंह, उत्तम सिंह, सुखदेव सिंह, यशपाल सिंह, अशोक कुमार, रमन कुमार, महाराज, संजय दत्त शर्मा आदि शास्त्री व भाषा अध्यापक मौजूद रहे।

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अंतरजिला स्थानांतरण पॉलिसी पांच वर्ष की जाए

प्रदेश सीएंडवी अध्यापक संघ के खंड नूरपुर का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को वन मंत्री राकेश पठानिया से मिला और मांगों को लेकर पत्र सौंपा। महासचिव उत्तम चंद शास्त्री ने बताया कि सीएंडवी अध्यापकों की अंतरजिला स्थानांतरण पॉलिसी में 13 वर्ष के स्थान पर पांच वर्ष करना और तीन प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना चाहिए। डीपीई के 333 पदों पर पीईटी पदोन्नति करवाई जाए। इस अवसर पर वन मंत्री ने सभी अध्यापकों की मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

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