पत्‍नी ने सेल्‍यूट कर दी शेर सिंह को विदाई, चार साल की मासूम सहमी, हादसे में हुई थी जवान की मौत

जसूर, जेएनएन। नूरपुर हलके के  मैहरका निवासी आइटीबीपी के हवलदार शेर सिंह की पार्थिव देह मंगलवार रात को पैतृक गांव पहुंची। सुबह साढ़े दस बजे के करीब सैनिक का अंतिम संस्‍कार कर दिया गया। पार्थिव देह को शेर सिंह के छोटे भाई सतीश कुमार ने मुखाग्नि दी। जालंधर से आई कंपनी की टुकड़ी ने मातमी धुन के साथ पार्थिव देह को सलामी दी। अंतिम यात्रा जैसे ही घर से रवाना हुई तो पत्नी पायल ने दिवंगत पति को सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी। इस दौरान हर किसी की आंख नम थी।

ढलती उम्र में गुरमेल सिंह की आंखों के सामने बेटे की अर्थी उठ रही थी, यह देख उनके हौसले का बांध भी बार-बार छलक रहा था। मां ताबूत से लिपटकर अपने शेर सिंह को जगाने का बार बार प्रयास कर रही थी। शेर सिंह की चार बर्षीय बेटी जैसिका हर किसी को रोते बिलखते देखकर सहमी हुई थी। उसे शायद ही इस बात का अहसास था कि उसके पापा अब उसे दोबारा कभी नहीं दिखाई देंगे। इस मौके पर नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया, पूर्व विधायक अजय महाजन, तहसीलदार नूरपर मोहन लाल भाटिया ने पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित की।

चुनाव ड्यूटी के दौरान गुमला में करंट लगने उनकी मौत हो गई थी। आइटीबीपी में हवलदार 35 वर्षीय शेर सिंह की सोमवार सुबह करंट लगने से मौत हो गई थी। विधानसभा चुनाव करवाने के लिए आइटीबीपी की टीम झारखंड के गुमला में आई थी। वायरलेस स्टेशन सेट करने का काम किया जा रहा था, तभी शेर सिंह हाइटेंशन तार की चपेट में आ गया। आइटीबीपी के अधिकारियों ने तत्काल उन्हें गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जवान के पिता गुरमेल सिंह तथा छोटा भाई सतीश कुमार प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत हैं और पत्नी पायल गृहिणी है। शेर सिंह की चार वर्षीय पुत्री जैसिका है। शेर सिंह आईटीबीपी में छत्तीसगढ़ में बतौर वायरलेस आॅपरेटर सेवारत था और उनकी करीब 10 साल की सर्विस हुई थी।

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