फजीहत के बाद कुछ हद तक सुधरी व्‍यवस्‍था, लेकिन खाना अभी भी नहीं हुआ गर्म

जिला कोविड अस्पताल धर्मशाला में मरीजों को ठंडा खाना परोसा जा रहा है।
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 04:41 PM (IST) Author: Richa Rana

मुनीष गारिया, धर्मशाला। मई से लेकर अगस्त माह में मरीजों को परोसे जाने वाले आहार को लेकर कई सवाल उठे, मरीज भी जागरूक थे, व्यवस्था को जनता तक पहुंचने एवं खराब गुणवत्ता वाले खाने को लेकर कई वीडियो वायरल हुए और स्वास्थ्य विभाग की फजीहत भी हुई। इन सब में सीख लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब व्यवस्था कुछ हद तक सुधार दी है।

 

जिला कोविड अस्पताल धर्मशाला में  कोरोना महामारी शुरू होते ही क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के एक भाग को जिला कोविड अस्पताल बना दिया। नियमों के अनुसार अस्पताल में केवल वही कोरोना मरीज रखे जाते हैं, जोकि कोरोना पॉजिटिव होने के साथ अन्य गंभीर बीमारियां से भी ग्रसित हैं। अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर मई से लेकर अगस्त माह के बीच कई वीडियो वायरल हुए और स्वास्थ्य विभाग की गुणवत्ता पर सवाल उठे। जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब दो समाजसेवी संस्थाओं से बातचीत करके खाने के साथ साथ फल व चाय और बिस्कुट का भी प्रबंध कर दिया है। खाने की गुणवता तो सुधरी है, लेकिन मरीजों का अभी भी ये आरोप है कि उन्हें खाना ठंडा मिली रहा है।

इस वक्त अस्पताल में भर्ती हैं 90 मरीज

कोविड अस्पताल धर्मशाला में इस वक्त 90 मरीज भर्ती हैं, जोकि कोरोना संक्रमित होने के साथ  अन्य कई बीमारियों से ग्रसित हैं। यहां उन मरीजों को रखा गया है कि जिन्हें कोविड केयर सेंटरों या होम आइसोलेशन में नहीं रखा जा सकता एवं उन्हें नियमित डॉक्‍टरों की निगरानी की जरूरत है।

 

दिन के तीन समय मिलता है खाना

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को सुबह 9 बजे से पहले ब्रेकफस्ट दिया जाता है। जिसमें परांठा व दलिया जैसे खाद्य सामग्री दी जाती है। दोपहर एक बजे लंच व शाम आठ बजे से पहले डिनर दिया जाता है।

तीन समय के साथ फल व चाय बिस्कुट की भी सुविधा

मरीजों को पौष्टिक आहार मिले, ताकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत हो सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सांई सेवा समिति व सेवा भारती समाजसेवी संस्था से संपर्क किया है। सांई समिति मरीजों को चाय व बिस्कुट देती है, जबकि सेवा भारती फल भेजती है।

खाना बांटने के लिए तैनात हैं तीन कर्मचारी

मरीजों को खाना बांटने के लिए संबंधित ठेकेदार ने अस्पताल में तीन कामगार तैनात किए हैं। ये कामगार खाना बनने के बाद सभी 90 मरीजों को खाना पैक करके उन्हें बांटते हैं।

खाना बांटने से पूर्व स्टाफ नर्स करती है खाने की जांच

कोविड अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स को जिम्मेवारी दी गई है कि मरीजों को खाना बांटने से पूर्व वे इस खाने की जांच करके और अधिकारिक रूप से खाने की गुणवता लिखित रूप में दर्ज करवाए। स्टाफ नर्स की जांच के बाद ही खाना मरीजों को दिया जाता है।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. विक्रम कटोच का कहना है कि खाने की गुणवत्ता को लेकर जो सवाल उठे थे, उन्हें अब सुधार लिया है। अब तीन समय खाने के साथ चाय, बिस्कुट व फल भी मरीजों को दिए जा रहे हैं। जहां तक खाना ठंडा पहुंचने की बात है तो 90 मरीजों का खाना पैक करने में समय तो लग ही जाता है। कोशिश की जाती है कि जल्दी खाना पैक किया जाए, लेकिन बिल्कुल गर्मागर्म खाना मरीजों को पहुंचाना आसान नहीं है। ये बात लोगों को भी समझनी चाहिए।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.