सीएम के निर्देश, वरिष्ठ चिकित्सक प्रतिदिन करें कोरोना संक्रमित मरीजों की स्वास्थ्य जांच

मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने चिकित्‍सकों को कोरोना मरीजों की नियमित जांच के आदेश दिए हैं।
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 08:30 AM (IST) Author: Rajesh Sharma

शिमला, जेएनएन। प्रदेशभर में वरिष्ठ चिकित्सक प्रतिदिन कोरोना मरीजों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करें। ऐसे कोरोना रोगी जो अन्य गंभीर बीमारियों से भी ग्रस्त हैं उनके उचित उपचार के लिए रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को शिमला से उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों व चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने राज्य में कुछ दिन से कोरोना रोगियों की मृत्यु की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सकों को रोगियों का उचित उपचार सुनिश्चित करना चाहिए। जो लक्षणहीन रोगी घर पर आइसोलेशन में हैं, उनके द्वारा भी उचित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

देखा गया है कि ऐसे रोगी जो घर पर हैं, उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पाता है। रोगियों को आवश्यक्ता अनुसार आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। रोगियों और उनके परिवार के बीच संवाद के लिए प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों तथा बड़े आंचलिक अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे दिन में दो बार दौरा कर वार्डों में स्वच्छता, रोगियों का उपचार, खाद्य गुणवत्ता तथा शौचालयों की स्वच्छता इत्यादि की सुविधा का निरीक्षण करें।

जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने कहा कि इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों को तुरंत अस्पताल जाने के लिए प्रेरित करने के लिए सूचना, शिक्षा व संप्रेषण के लिए उचित योजना बनाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा, हमीरपुर और नाहन मेडिकल कालेज में कल से आइसोलेशन वार्ड क्रियाशील हो जाएंगे, जिससे आइजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज नेरचौक को रेफर किए जाने वाले मरीजों में कमी आएगी। इन मेडिकल कालेजों में 15 से 20 बिस्तरों वाले आइसोलेशल वार्ड होंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने चिकित्सकों व अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ से रोगियों के उपचार के लिए समर्पण भावना से कार्य करने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा भी उपस्थित थे।

जरूरी हुआ तो नोडल अधिकारी नियुक्त हो

सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों के उचित कार्य पद्धति के लिए प्रशासन और अस्पताल प्राधिकरण के बीच उचित समन्वय होना चाहिए। अगर आवश्यक हो तो कोरोना मरीजों के लिए उचित सुविधाएं और अन्य जरूरी प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए एक अलग नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए। किसी भी कोविड मरीज की दुखद मृत्यु होने पर परिवार को शव सौंपने के उपाय करने चाहिए।

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