हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता की बहाली पर बड़ी बात कह गए मुख्यमंत्री

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला की स्वायत्तता बहाल की जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को एचपीयू के 52वें स्थापना दिवस के मौके पर की। ऐसा होने पर विश्वविद्यालय स्तर पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकेंगे। विश्वविद्यालय में बेहतर कार्यप्रणाली के लिए यह जरूरी है।

Vijay BhushanThu, 22 Jul 2021 08:58 PM (IST)
एचपीयू शिमला के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पहुंचे (बायें) राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का स्वागत करते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।

शिमला, जागरण संवाददाता। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला की स्वायत्तता बहाल की जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को एचपीयू के 52वें स्थापना दिवस के मौके पर की। ऐसा होने पर विश्वविद्यालय स्तर पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में बेहतर कार्यप्रणाली के लिए यह जरूरी है। विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध और प्रौद्योगिकी के शिक्षण में अग्रणी भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस उपयुक्त तरीके से मनाने के लिए एचपीयू प्रशासन की सराहना की। 150 शिक्षक नियुक्त करने और 12 नए संकाय शुरू करने के लिए भी विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय के प्रभावी कामकाज के लिए हर संभव मदद प्रदान करेगी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एचपीयू में पर्याप्त पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। जयराम ने 50 साल की यात्रा के संबंध में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने और विश्वविद्यालय के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने का सुझाव भी दिया। विश्वविद्यालय में 23 व 24 जुलाई को छुट्टी रहेगी।

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वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण सहित 6.73 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में करीब 6.73 करोड़ की लागत की विकासात्मक परियोजनाओं को समर्पित किया। परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। प्रतिमा पर 20 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।

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शिक्षा के आधार पर चरित्र का निर्माण करें : राज्यपाल

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्थापना दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन का आधार है, हर व्यक्ति जीवनभर शिक्षा प्राप्त करता है, लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि हमारी शिक्षा का लक्ष्य क्या होना चाहिए। विश्वविद्यालय को शोध का केंद्र बनाया जाना चाहिए, जहां शिक्षा का आधार चरित्र निर्माण हो। उन्होंने गुणात्मक शिक्षा के साथ-साथ विश्वविद्यालय के ग्रेड को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने याद किए कालेज के दिन

मुख्यमंत्री सहित शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज व शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने अपने कालेज समय को याद किया। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है। देश-विदेश में नाम कमाने वाले कई लोगों ने यहां से शिक्षा ग्रहण की है, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पूर्व राज्यपाल अश्विनी कुमार, पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल, पीजीआइ और एआइआइएमएस के वर्तमान निदेशक आदि शामिल है।

 

शिल्पा शर्मा, हितेष कुमार व अंकिता चुने सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी

कोरोना वारियर डा. विनय कुमार, गौरव अत्री, पंकज पाठक, प्रो. चंद्र मोहन परशिरा, हिम चटर्जी, पवन शर्मा, सुखदेव को सम्मानत किया। सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी का पुरस्कार ध्रूव, शिल्पा शर्मा, हितेष कुमार व अंकिता को दिया गया। एनएसएस में बेहतर काम के लिए मोनिका कुमारी, एश्वर्य कश्यप को सम्मानित किया। बेहतर कर्मचारी का पुरस्कार मुकेश कुमार, दिवाकर दत्त, विजय ङ्क्षसह, किशोरी लाल, शैली चौहान, चेतराम बंसल को दिया गया। सबसे बेहतर शोधार्थी का अवार्ड नयन जीत सिंह, हरीश कुमार ठाकुर को दिया। बेहतर शिक्षक का सम्मान संजीव महाजन, आनंद सागर और प्रो. नयन सिंह को मिला। इनके अलावा प्रो. अरङ्क्षवद कालिया, राजेंद्र शर्मा, देवेंद्र शर्मा को भी सम्मानित किया गया। प्रशासक के तौर पर अरङ्क्षवद भट्ट व पीएल शर्मा को भी पुरस्कार मिला।

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