कैप्टन संजय पराशर ने साइप्रस में फंसे 11 नाविकों की करवाई वतन वापसी

जरूरतमंद लोगों के लिए हर पल मदद को तैयार कैप्टन संजय पराशर भारतीय समुद्री नाविकों के लिए भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि उन्हें समुद्र के मसीहा की उपाधि दी गई है। एक बार फिर पराशर ने साइप्रस में फंसे 11 नाविकों की वतन वापसी करवाई है।

Virender KumarSun, 12 Sep 2021 08:54 PM (IST)
मुंबई एयरपोर्ट पर विजय चिन्ह बनाकर खुशी का इजहार करते साइप्रस से लौटे समुद्री नाविक। जागरण

जेएनएन, डाडासीबा/चिंतपूर्णी।

गरीब व जरूरतमंद लोगों के लिए हर पल मदद को तैयार कैप्टन संजय पराशर भारतीय समुद्री नाविकों के लिए भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि उन्हें समुद्र के मसीहा की उपाधि दी गई है। एक बार फिर पराशर ने साइप्रस में फंसे 11 नाविकों की सकुशल वतन वापसी करवाई है।

राजस्थान के उदयपुर से सांसद अर्जुन लाल मीणा ने भी पराशर के इस कार्य को लेकर उनकी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इन नाविकों की वापसी के लिए सफल प्रयास किया।

दरअसल साइप्रस के समीप समुद्री जहाज पर इन नाविकों का कंपनी से मूलभूत सुविधाओं को लेकर विवाद हो गया। कंपनी का मालिक नाविकों की बात सुनने को कतई तैयार नहीं था। बाद में बात इतनी बढ़ गई कि इन 11 नाविकों को जहाज से उतरना पड़ा, लेकिन जिस जगह पर नाविक रुके हुए थे, वहां ढंग की खाने व पीने की भी व्यवस्था नहीं थी। हालात दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे थे, लेकिन उनके पास देश वापस लौटने के लिए कोई विकल्प ही मौजूद नहीं था।

ऐसे में राजस्थान के उदयपुर के सेंकड आफिसर संजीव कुमार ङ्क्षसह ने परिवार वालों को कैप्टन संजय से संपर्क करने को कहा। संजीव की पत्नी ने संजय से बात की और सहायता की गुहार लगाई।

कैप्टन संजय ने विदेश मंत्रालय के साथ भारतीय दूतावास के समक्ष इस मुद्दे को उठाया और नाविकों के स्वजन से लगातार संपर्क में रहे। सांसद अर्जुन ङ्क्षसह मीणा भी संजय से इस मसले को लेकर बात करते रहे। संजय के प्रयासों के बाद ये नाविक हवाई जहाज से गणेश चतुर्थी के दिन वापस लौट आए। नाविकों के लौटने पर सांसद मीणा ने संजय को बधाई देते हुए कहा कि पराशर नाविकों के लिए लंबे समय से कार्य कर रहे हैं और एक बार उन्होंने मदद को हाथ आगे बढ़ाकर इस नेक कार्य को अंजाम दिया।

ये समुद्री नाविक उत्तर प्रदेश के प्रतीक व अवधेश त्रिपाठी, उदयपुर के संजीव, बिहार के चंदन कुमार व ऋषभ राज, हरियाणा के योगेेश, तमिलनाडु के विजय सेखरन, महाराष्ट्र के सुनील, केरल के ङ्क्षबदु थामस व सुमेश, बंगाल के महबूब जाहेदी से संबंध रखते हैं और अब अपने घरों को लौट रहे हैं। इन नाविकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि साइप्रस में खाने व पीने के अलावा ठहरने की भी व्यवस्था न के बराबर थी। ऐसे में पराशर उनके लिए मसीहा बन गए।

संजय पराशर ऐसे मामलों में पिछले कई वर्षों से समुद्री नाविकों के मददगार रहे हैं। अब तक उन्होंने 610 से ज्यादा मामलों में 2550 समुद्री नाविकों की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तरीके से मदद की है। कैप्टन संजय का कहना था कि उनकी वजह से अगर नाविकों का किसी प्रकार से भला होता है, इससे बड़ी खुशी की बात क्या हो सकती है। बताया कि हिमाचल सीफेर्रस एसोसिशन भी नाविकों के लिए कार्य कर रही है और अगर किसी नाविक को कोई परेशानी पेश आती है तो वह उनसे सीधा संपर्क कर सकता है।

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