बोले अजय महाजन, टांडा में सुपर स्पेशिलस्ट विभाग के बाद अब कैंसर रोगियों की ओपीडी भी बंद करने से मरीज परेशान

टांडा में कैंसर विभाग को बंद करने से रोगियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले सुपर स्पेशिलस्ट विभागों को बंद किया और अब कैंसर विभाग को बंद करने से यहां पर आने वाले इनसे संबंधित रोगियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मजबूरन मरीजों को पीजीआइ चंडीगढ़ आइजीएमसी शिमला इत्यादि जाना पड़ रहा है।

Richa RanaWed, 12 May 2021 04:00 PM (IST)

कांगड़ा जेएनएन। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला कांगड़ा के अध्यक्ष अजय महाजन ने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा टांडा मेडिकल कॉलेज जो कि निचले हिमाचल के कई जिलों को सेवाएं देता है। लेकिन कोविड-19 के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले सुपर स्पेशिलस्ट विभागों को बंद किया और अब कैंसर विभाग को बंद करने से यहां पर आने वाले इनसे संबंधित रोगियों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

मजबूरन मरीजों को पीजीआइ चंडीगढ़ आइजीएमसी शिमला इत्यादि जाना पड़ रहा है। जबकि इस कोरोना काल के समय में रोगी को लेकर इतनी दूर जाना संभव नहीं है जिसके लिए उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसके साथ साथ आर्थिक के बोझ के तले भी जूझना पड़ रहा है।

महाजन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार का यह निर्णय  मानवता के खिलाफ है। उन्होंने  कहा कि  उपमंडलीय क्षेत्रों में खाली पड़े सिविल अस्पतालों का कुछ भाग कोविड-19 में तब्दील कर देना चाहिए ताकि उस क्षेत्न के लोगों को टांडा का रुख ना करना पड़े। इससे टांडा के डॉक्टरों, नर्सों व पैरामेडिकल स्टाफ इत्यादि का बोझ भी कम होगा तथा वह अपने रोगियों का इलाज भी सही ढंग से कर सकें। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पतालों में हर चीज  मौजूद है। केवल ऑक्सीजन का प्रावधान ही सरकार को करना होगा। जो कि सरकार  उसे करे तथा जनहित में लोगों की  स्वास्थ्य सुविधाएं उनके क्षेत्र में ही मिल सके।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महाजन ने कहा कि कई माह से बंद पड़ी एमआर व सीटी स्कैन की मशीनें ख़राब पड़ी है। जिससे निचले क्षेत्र के लोगों को भारी भरकम राशि देकर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यममंत्री का इस पद पर बैठने के उपरांत पहली दौरा किया था तो उस समय यहां नई मशीनों को लगाने की घोषणा की थी। लेकिन नई तो क्या पुरानी मशीनें ही लंबे समय से बंद पड़ी है। उन्होंने कहा कि इसमें बड़े मज़े की बात यह है कि इन मशीनों को ठीक करने के लिए भी करोड़ों का खर्च कर दिया गया जोकि तर्कसंगत नहीं है।

महाजन ने कहा की कैंसर के रोगियों ने कई माह पूर्व ही किमोथैरपी व रेडियोथैरेपी की तिथियां टांडा मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग से ली हुई थी जिन्हें अब निराशा हाथ लग रही है तथा उन्हें पीजीआइ चंडीगढ़ या आइजीएमसी शिमला जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते इससे पूर्व भी सुपर स्पेशिलस्ट विभाग को भी बंद करके कोविड-19 सेंटर बना दिया गया है। जिससे वहां चल रहे अन्य विभागों जिस प्रकार हृदय रोग, सर्जिकल इत्यादि भी बंद पडे हैं जो कि निराशाजनक है।

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