सिविल अस्पताल ज्वालामुखी को मिलेगा आधार

संवाद सूत्र ज्वालामुख्ीा आठ साल के अंतराल के बाद सिविल अस्पताल ज्वालामुखी को अपना भवन मिलने का र

JagranTue, 24 Aug 2021 05:35 AM (IST)
सिविल अस्पताल ज्वालामुखी को मिलेगा आधार

संवाद सूत्र, ज्वालामुखी : आठ साल के अंतराल के बाद सिविल अस्पताल ज्वालामुखी को अपना भवन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 15 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के बावजूद उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के कारण अस्पताल का कार्य अधर में था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल भवन निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अस्पताल के नए भवन के स्थान व डिजाइन को लेकर हलके के ही कुछ लोगों ने कार्य रुकवाया था व याचिका भी दायर की थी। अब अदालत ने याचिका को निरस्त करते हुए अस्पताल भवन के रुके कार्य को शीघ्र शुरू का आदेश दिया है।

अस्पताल वर्षो से यात्री निवास में चल रहा है। 2012 से 2017 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान अस्पताल को पुरानी जगह से शिफ्ट कर यात्री निवास में चलाना शुरू किया था। हालांकि भाजपा समर्थित लोग शुरू से ही अस्पताल को शिफ्ट करने पर विरोध जताते रहे लेकिन सरकार ने अस्पताल की पुरानी जगह पर बहुमंजिला कार पार्किंग बना दी थी। उधार के भवन में 100 बिस्तर स्वीकृत होने के बाद भी अस्पताल में 30 से 40 बेड ही लग पाते हैं।

.......................

यह जनता की जरूरत व सहूलियत का मामला है। सरकार ने तय करना होता है कि कौन सा भवन कहां और कैसा बनाना है। विकास कार्यो में रोड़ा अटकाना सही नहीं है।

सुरेश कुमार।

......................

कांग्रेस नेताओं की ओछी राजनीति के कारण ही आज दिन तक अस्पताल भवन का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सरकार से मांग करेंगे कि बिना देरी किए अस्पताल भवन का कार्य शुरू हो।

-संजीव शर्मा, भाजपा जिला संगठनात्मक अध्यक्ष

.................

सरकार ने 15 करोड़ रुपये का बजट अस्पताल के लिए मंजूर किया है। क्षेत्र के एक कांग्रेस नेता के इशारे पर आठ-नौ लोगों ने उच्च न्यायालय से स्टे लिया था। हम रिकार्ड समय में अस्पताल का बहुमंजिला भवन तैयार करेंगे।

-रमेश धवाला, विधायक ज्वालामुखी

...................

अस्पताल के नए भवन के लिए 15 करोड़ रुपये के जिस बजट का प्रचार विधायक कर रहे हैं उसकी स्वीकृति कांग्रेस सरकार ने 2017 में दी थी। अस्पताल का काम कांग्रेस ने नहीं बल्कि भाजपा सरकार बनने पर विधायक ने रुकवाया था।

संजय रत्न, पूर्व विधायक ज्वालामुखी

.......................

अस्पताल भवन के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर हुई थी। कोर्ट ने इसे निरस्त किया है। न्यायालय के आदेश की प्रतिलिपि अभी अस्पताल प्रशासन के पास नहीं पहुंची है। जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।

-पवन शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, ज्वालामुखी

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.