पुलिस का काम बहुत संजीदा, कर्तव्य एवं मानवता के पथ से कभी भी विचलित न हों : राज्यपाल

बंडारू दत्तात्रेय ने आज पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह में पुलिस आरक्षियों के 21वें दस्ते के दीक्षांत परेड समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। पासिंग आउट परेड की सलामी ली। पुलिसकर्मी आत्मविश्वास अदम्य साहस एवं सहानुभूति के भाव से प्रदेश के लोगों की सेवा में तत्पर रहेंगे।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 03:10 PM (IST) Author: Richa Rana

पालमपुर, जेएनएन। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह में पुलिस आरक्षियों के 21वें दस्ते के दीक्षांत परेड समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। पासिंग आउट परेड की सलामी ली। राज्यपाल ने  सभी आरक्षियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी से यह अपेक्षा रहेगी कि संविधान, प्रजातांत्रिक मूल्यों एवं कानून के अनुरूप अपने कत्तव्यों का पालन करते हुए आम जन-मानस की भावनाओं के अनुरूप कार्य करें।

उन्‍हें पूर्ण विश्वास है कि सभी आत्मविश्वास, अदम्य साहस एवं सहानुभूति के भाव से प्रदेश के लोगों की सेवा में तत्पर रहेंगे। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का काम बहुत संजीदा है इसलिये अपने कर्तव्य एवं मानवता के पथ से कभी भी विचलित नहीं होना है और हमेशा कानून के अनुरूप सही निर्णय को लागू करना है।

कोरोना काल में प्रशिक्षण सुचारू रखना था मुश्किल, प्रधानाचार्य व स्टाफ को बधाई

राज्यपाल ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पुलिस प्रशिक्षण को सुचारू रूप से चलाना अत्यन्त मुश्किल कार्य था परन्तु प्रशिक्षण सुचारू रूप से जारी रहा।  इसके लिए पुलिस महानिदेशक, प्रधनाचार्य एवं समस्त हिमाचल प्रदेश पीटीसी स्टाफ बधाई के पात्र हैं।

अपराधियों को सजा मिले और निर्दोष व पीड़ित को न्याय

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस से सदैव यह अपेक्षा रहती है कि वह समाज में ऐसी व्यवस्था कायम करें जिसके अपराधियों को सजा मिले और निर्दोष एवं पीड़ित को न्याय व संतुष्टि प्रदान हो सके। आपने आचरण, व्यवहार एवं कार्य संपादन से जनता के बीच अविश्वास की खाई को पाटना है तथा सामान्य जन की सद्भावना एवं सक्रिय सहयोग अर्जित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा को मात्र जीवन यापन का साधन न मानकर इसे एक दर्शन और प्रेरक बल के रूप में  साकार करना है ।

इस समय पुलिस की जिम्मेदारी अधिक

राज्यपाल ने कहा कि  हिमाचल प्रदेश पुलिस को देश में एक अच्छे, ईमानदार एवं पेशेवर पुलिस बल के तौर पर जाना जाता है। वर्तमान परिदृश्य में जब देश में आतंकवाद, नशे इत्यादि की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, तो पुलिस की समाज में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेवारी और भी बढ़ जाती है जिसके लिए आपको अपने कर्तव्य के प्रति और अधिक पेशेवर एवं व्यवहारिक बनना होगा। उन्होंने कहा कि आज पास ऑउट होने वाले ही नहीं अपितु शेष पुलिस कर्मी भी अपने आप को पेशेवर के तौर पर और अधिक व्यवहारिक बनाकर अपनी एवं पुलिस की छवि को और अधिक बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने की ओर ध्यान देना होगा।

कहा, आठ सप्ताह का विशेष कोर्स सरकार शुरू करने जा रही

राज्यपाल ने कहा कि उनके ध्यान में लाया गया है कि सरकार निरीक्षक से उप पुलिस अधिक्षक (पर्यवेक्षक) अधिकारी बनने वाले अधिकारियों के लिए आठ सप्ताह का इंडक्शन कोर्स शुरू करने का निर्णय लेने जा रही है ताकि यह अधिकारी और पेशेवर व सक्षम बनकर अपनी भूमिका अदा कर सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय की जीओसी मैस में केवल 8 ही प्रशिक्षु अधिकारियों के रहने के लिए व्यवस्था है। और इसे बढाकर  कम से कम 20 और कमरों का निर्माण करवाने के लिए  सरकार से अनुरोध रहेगा। उन्होंने भव्य परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रदर्शन के आयोजन के लिए  राज्य के पुलिस महानिदेशक, उनकी पूरी टीम और विशेषकर प्रशिक्षणार्थियों की प्रशंसा  की।

मनन व अर्चना चौधरी ने किया परेड का नेतृत्व

दीक्षांत परेड में 834 आरक्षियों ने भाग लिया इसमें 642 पुरुष और 192 महिला आरक्षियों ने आरक्षी मूलभूत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। परेड का नेतृत्व आरक्षी मनन चौधरी जबकि महिला वर्ग में आरक्षी अर्चना चौधरी ने परेड का नेतृत्व किया। राज्यपाल ने पीटीसी डरोह के स्थापना के 25 स्वर्णिम वर्षों पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया। राज्यपाल ने पीटीसी परिसर में 14 करोड़ रुपये से बनने वाली मॉर्डन बैरक का शिलान्यास भी किया ।

डरोह की प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए ढांचागत क्षमता को बढ़ाया जाएगा : कुंडू

पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और सभी प्रशिक्षुओं को पुलिस सेवा में शामिल होने की बधाई दी। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को देश सेवा की भावना और ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया जिससे अपना, पुलिस और परिवार का राम रोशन हो सके। उन्होंने कहा कि डरोह  को क्राइम अगेंस्ट वीमेन एंड चिल्ड्रन तथा साइबर क्राइम में सेंटर ऑफ एक्सेलेन्स बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि डरोह की प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिये यहाँ ढांचागत क्षमता को बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री ने पीटीसी डरोह को प्रतिवर्ष अगले पांच वर्षों के लिये 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इससे डरोह में बेसिक प्रशिक्षण और सेवारत प्रशिक्षण और अधिक दक्षता से दिया जा सकेगा।

आइजी फुलझेले ने किया मुख्यातिथि का स्वागत

पीटीसी डरोह के प्रधानाचार्य, आइजी डॉ0 अतुल फुलझेले ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और महाविद्यालय की वार्षिक प्रशिक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि  642 पुरुष प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह तथा 192 महिला प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण द्वितीय भारतीय आरक्षित वाहिनी सकोह में एक जनवरी को आरंभ हुआ था । इन प्रशिक्षुओं को 11 महीने का कठोर एवं प्रभावी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि  प्रशिक्षण के दौरान पास आउट होने वाले प्रशिक्षार्थियों में से 66 पोस्ट ग्रेजुएट, 446 ग्रेजुएट , 100 बहु तकनीकि शिक्षा प्राप्त है। कार्यक्रम में सांसद किशन कपूर, उपकुलपति चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर एच के चौधरी, डीआइजी सुमेधा द्विवेदी, एसपी पीटीसी डरोह डॉ. रमेश चंद्र छाजटा, एसपी राजेश कुमार, एएसपी प्रवीण धीमान सहित पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.