सावधान! इन दिनों खेतों में संभलकर जाएं

प्रवीण कुमार शर्मा ज्वालामुखी प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में है। हर साल की तरह इस वर्ष भी पहाड़ों के दरकने से कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है। इसके साथ ही अब रंगड़ों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। रंगड़ों के कारण ग्रामीण परिवेश में रह रहे लोग खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।

JagranFri, 24 Sep 2021 04:47 AM (IST)
सावधान! इन दिनों खेतों में संभलकर जाएं

प्रवीण कुमार शर्मा, ज्वालामुखी

प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में है। हर साल की तरह इस वर्ष भी पहाड़ों के दरकने से कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है। इसके साथ ही अब रंगड़ों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। रंगड़ों के कारण ग्रामीण परिवेश में रह रहे लोग खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। शहरों में भी रात के समय दुधिया रोशनी में रंगड़ों के झुंड भिनभिनाना शुरू कर दे रहे हैं। गांवों में समस्या इतनी है कि इस समय पकी हुई मक्की की फसल को घर लाने के लिए भी किसानों के हाथ-पांव कांप रहे हैं।

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केस स्टडी 1

उपमंडल देहरा की पंचायत मूहीं के सूहीं गांव की सुनीता शर्मा ने बताया कि वह खेतों से मक्की की फसल लेने गई थी। अभी मक्की तोड़ना शुरू ही किया था कि रंगड़ों का झुंड आसपास मंडराने लगा। देखते ही देखते उसे दो रंगड़ों ने बाजू पर काट दिया। वह खेत में ही सामान छोड़कर घर की ओर भागी और जान बचाई।

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केस स्टडी 2

परागपुर बाजार से कालेज छात्रा कनिका शर्मा ने बताया कि उसे अचानक घर पर ही रंगड़ों ने हाथ व पैर पर काट दिया। दो दिन से पैर में सूजन के कारण चल नहीं पा रही है। काटने से दर्द इतना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर दवा लेनी पड़ी।

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केस स्टडी 3

चंबापत्तन निवासी मुल्ख राज शर्मा ने बताया कि वह चारा लेने के लिए पेड़ पर चढ़ा था। पिछले साल के एक सूखे हुए घीये को दराती से जोर से मारा तो बीच से रंगड़ों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। जैसे ही वह संभलता एक रंगड़ ने उसकी आंख के बीच डंक मार दिया। जान बचाने के लिए वह पेड़ से ही कूद गया।

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केस स्टडी 4

ज्वालामुखी के संजीव भाटिया ने बताया कि शाम होते ही जैसे ही लाइटें जलाते हैं तो रंगड़ों से दुकान भर जाती है। मजबूरन दुकानें बंद कर घर जाना पड़ रहा है। रंगड़ों के झुंडों से हर दम काटने का डर रहता है। दरंग में भी कई लोग रंगड़ों के काटने के शिकार हुए हैं।

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रंगड़ों का काटना खतरनाक है। यह इतना जहरीला होता है कि कई बार व्यक्ति के आर्गन फेलियर का कारण बन जाता है। इससे किडनी व लिवर फेलियर भी हो सकता है तथा आदमी की जान जा सकती है। रंगड़ के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर इंजेक्शन लगवाना चाहिए।

-डा. पवन शर्मा, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी ज्वालामुखी अस्पताल।

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रंगड़ों के काटने की घटनाएं इन दिनों बहुत हो रही हैं। किसान विशेषकर ध्यान रखें। कई जगह रंगड़ों ने बड़े-बड़े छत्ते बनाए होते हैं, ऐसे स्थानों में जाने से बचें। यदि कहीं घटना होती है तथा प्रशासनिक सहायता की जरूरत पड़े तो निसंकोच सूचित करें।

-धनवीर ठाकुर, एसडीएम देहरा एवं ज्वालामुखी

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