जिला कांगड़ा में अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने किया भूमि आवंटन विशेष अभियान का स्वागत

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने कांगड़ा में भूमि आवंटन विशेष अभियान का स्वागत किया है। हिमाचल में खास कर जिला कांगड़ा मंडी शिमला चंबा हमीरपुर के भूमिहीन व सरकारी जमीन पर मकान बना कर रह रहे लोगों ने वाल्मीकि समाज क़े पक्ष में प्रमुखता से मांग को उठाया था।

Richa RanaThu, 02 Dec 2021 01:02 PM (IST)
अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने भूमि आवंटन विशेष अभियान का स्वागत किया है।

धर्मशाला, जागरण संवाददाता। अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने कांगड़ा में भूमि आवंटन विशेष अभियान का स्वागत किया है। उन्होंने ने बताया की कुछ महीने पहले उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जीएस विशनार के माध्यम से हिमाचल में खास कर जिला कांगड़ा, मंडी, शिमला चंबा, हमीरपुर के भूमिहीन व सरकारी जमीन पर मकान बना कर रह रहे लोगों ने वाल्मीकि समाज क़े पक्ष में प्रमुखता से मांग को उठाया था।

जिसमें अध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री हिमाचल सरकार के समक्ष मांगों को रखा था। जिसमें जिला कांगड़ा क़े धर्मशाला कैंट से वाल्मीकि समुदाय के लोग लगभग 40 - 45 वर्षों से रह रहे हैं और इस मांग को हिमाचल की पूर्व मे कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकारों के पास इस मांग भी रख चुके हैं पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई जो की चिंता का विषय हैं। इसी के साथ कैंट कजलोट वार्ड नंबर दो में आज तक रास्ता नहीं हैं। इसी मांग को लेकर जिला वाल्मीकि सभा पंजीकृत के अध्यक्ष प्रमन चटवाल भी समय समय पर मुख्य मंत्री को मांग पत्र दे चुके हैं।

हाल ही में भाजपा सरकार के मुख्य प्रभारी अभिनाश खन्ना के साथ बैठ कर चटवाल ने वाल्मीकि समाज की हर जायज मांगों से अवगत कराया था और ज़ब भी समय लगता हैं फोन द्वारा वाल्मीकि समुदाय की मांगो के प्रति जानकारी लेते रहते हैं की इन मांगो का हल कब होगा। जबकि देश आजादी की 74वी वर्षगांठ मना चूका हैं। लेकिन यह लोग आज भी गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। क्योंकि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के लिए बहुत सी योजनाएं चला रखी हैं। लेकिन राजस्व रिकॉर्ड मे परिवार का नाम न होने के कारण सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।

लेकिन प्रयास जारी रखने के कारण आज कुछ आस जगी हैं की जिलाधीश द्वारा सरकार के आदेशों को जिला काँगड़ा मे विशेष अभियान के द्वारा भूमिहीन और अवैध कब्जो को नियमित विशेष अवधि के अंदर नियमित किए जायेगे और भूमिहानों को भूमि दी जाएगी। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा व जिला वाल्मीकि सभा पंजीकृत के अध्यक्ष प्रमन चटवाल ने मांग की हैं की वाल्मीकि समाज के उन लोगों क़े मकान को जो 70 और 80 के दशक मे बने हैं बिना शर्त नियमित किए जाएं।

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