AIIMS Bilaspur: एम्स में होगी हेलीपैड, क्लब, गेस्ट हाउस व शापिंग कांप्लेक्स की सुविधा

AIIMS Bilaspur हिमाचल में सरकारी स्तर सभी सुविधाओं से लैस स्वास्थ्य संस्थान जल्द ही बिलासपुर में बनकर तैयार होने जा रहा है। एम्स बिलासपुर प्रदेश का ऐसा पहला संस्थान होगा जहां एक ही कैंपस में हेलीपैड से लेकर शाङ्क्षपग कांप्लेक्स सहित क्लब हाउस व आडिटोरियम तक की सुविधा होगी।

Virender KumarSat, 18 Sep 2021 06:15 AM (IST)
एम्स ि‍बलासपुर में हेलीपैड, क्लब, गेस्ट हाउस व शापिंग कांप्लेक्स की सुविधा होगी । जागरण अार्काइव

बिलासपुर, जागरण संवाददाता। हिमाचल में सरकारी स्तर सभी सुविधाओं से लैस स्वास्थ्य संस्थान जल्द ही बिलासपुर में बनकर तैयार होने जा रहा है। एम्स बिलासपुर प्रदेश का ऐसा पहला संस्थान होगा जहां एक ही कैंपस में हेलीपैड से लेकर शाङ्क्षपग कांप्लेक्स सहित क्लब हाउस व आडिटोरियम तक की सुविधा होगी। वहीं जिला बिलासपुर में फुल एयर कंडीशन स्वास्थ्य संस्थान के रूप में भी एम्स ही विकसित होने जा रहा है।

जिले में स्थापित हो रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परिसर के पहले चरण का लगभग 80 फीसद कार्य पूरा है और आगामी मार्च तक इस भवन को एम्स प्रबंधन को हैैंडओवर करने की तैयारी है। यहां आयुष ब्लाक, अस्पताल ब्लाक, आडिटोरियम, हास्टल, प्रशासनिक ब्लाक सहित सभी 16 ब्लाक को एयर कंडीशन बनाया जा रहा है। इससे क्षेत्र में काफी आबादी स्थापित होगी और लोगों को रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

क्लब हाउस सहित हेलीपैड भी हो रहा स्थापित

एम्स परिसर को 247 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। इसे तीन फेज में बनाया जा रहा है। इस संस्थान के पहले चरण में कार्य केवल 16 ब्लाक पर चल रहा है। पहले चरण का कार्य नेशनल बिङ्क्षल्डग कंस्ट्रक्शन कंपनी के तहत एनसीसी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इसके बाद दूसरे चरण के कार्य का अलग टेंडर जारी किया जाएगा। पहले फेज में आयूष ब्लाक, अस्पताल ब्लाक, अकादमिक ब्लाक, नाइट शेल्टर, आडिटोरियम, यूजी ब्वॉयस, डाइङ्क्षनग ब्लाक, नर्सिंग हास्टल, सहित गर्ल, ब्वाय व मैरिड ब्लाक सहित स्टाफ के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। हालांकि क्लब हाउस, स्विङ्क्षमग पूल, शाङ्क्षपग कांप्लेक्स फेज दो में बनाए जाने प्रस्तावित हैं। वहीं हेलीपैड पहले फेज में बनाए जाने की योजना है।

ओपीडी पर निर्भर होगा एम्स का दूसरा चरण

एम्स बिलासपुर 750 बिस्तर का संस्थान बन रहा है। यहां 125 बच्चों की एमबीबीएस की पढ़ाई हर वर्ष करवाई जाएगी। पहले चरण में 1471 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बता दें कि दूसरा चरण यहां लोगों की ओपीडी और एम्स की आवश्यकता के हिसाब से किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मानकों के मुताबिक अगर अस्पताल में लगभग चार हजार या इससे अधिक की ओपीडी होती है तो संस्थान का और विस्तार किया जाएगा।

एम्स का निर्माण दो चरण में किया जा रहा है। पहले चरण में प्रमुख ब्लाक स्थापित किए जा रहे हैं। दूसरे फेज के तहत और कई परिसर स्थापित किए जाने हैं। एम्स बिलासपुर में फिलहाल 50 बच्चों को एमबीबीएस की पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन जल्द ही यहां 125 बच्चों को बैच बिठाया जाएगा। एम्स बिलासपुर का सारा परिसर सेंट्रल एसी होगा।

-डा. रूपाली, अध्यक्ष मीडिया मैनेजमेंट कमेटी, एम्स बिलासपुर

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