यहां पंचायत भवन निर्माण के लिए बुजुर्ग महिला ने दान कर दी जमीन Kangra News

Women Donate Land सिरत पंचायत के नए भवन के निर्माण के लिए बुजुर्ग महिला ने अपनी 15 मरले जमीन दान की है। जहां थोड़ी सी जमीन के लिए झगड़े होते हैं वहीं बुजुर्ग महिला ने मिसाल कायम की है। विभाग की ओर से प्रदेशभर में नई पंचायतें बनाई गई थी।

Rajesh Kumar SharmaSun, 01 Aug 2021 12:03 PM (IST)
सिरत पंचायत के नए भवन के निर्माण के लिए बुजुर्ग महिला ने अपनी 15 मरले जमीन दान की है।

डमटाल, संवाद सूत्र। Women Donate Land, सिरत पंचायत के नए भवन के निर्माण के लिए बुजुर्ग महिला ने अपनी 15 मरले जमीन दान की है। जहां थोड़ी सी जमीन के लिए झगड़े होते हैं वहीं बुजुर्ग महिला ने मिसाल कायम की है। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रदेश भर में नई पंचायतें बनाई गई थी। उन्हीं पंचायतों में से इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में भी नई पंचायतें बनाई गई थी, इसमें सिरत पंचायत से अलग करके डमटाल पंचायत बनाई गई थी। लेकिन फिर सिरत पंचायत का भवन डमटाल में होने के कारण वह भवन डमटाल पंचायत के तहत आ गया। अब सिरत पंचायत के लिए कोई भवन नहीं है।

पंचायत भवन न होने के कारण पंचायत प्रधान व पंचायत प्रतिनिधियों व गांव वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए 77 वर्षीय माया देवी निवासी सिरत ने अपनी 15 मरले मलकीयत भूमि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग के नाम कर दी है, ताकि इस भूमि पर पंचायत भवन बनाया जा सके। पंचायत के विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाया जा सके। यहां आज के दौर में थोड़ी-थोड़ी जमीन के लिए लड़ाई झगड़े किए जाते हैं।

वहीं समाज में ऐसे भी दानी लोग हैं, जो समाज की भलाई के लिए कार्य करते आए हैं। समाज को ऐसे लोगों से सीख लेने की जरूरत है। सभी गांव वासियों ने माया देवी द्वारा भूमि दान की सराहना की है तथा धन्‍यवाद भी किया है। इस अवसर पर पंचायत सचिव विपिन कुमार, पंचायत सदस्य यशपाल सिंह, पंचायत उप प्रधान कृष्ण सिंह सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।

काम न मिलने पर बीडीओ कार्यालय पहुंची महिलाएं

पंचरुखी। मनरेगा के तहत जाबकार्ड धारकों को काम न मिलने पर विकास खंड पंचरुखी की लदोह पंचायत के लदोह वार्ड की सदस्य कमला देवी महिलाओं के साथ बीडीओ कार्यालय पहुंची। उन्होंने बीडीओ से मनरेगा मजदूरों को काम दिलवाने की मांग की। वार्ड में 65 जाबकार्ड धारक हैं लेकिन मनरेगा में दिहाड़ी न मिलने से उन्हें दिक्कत हो रही है। तीन माह से उन्हें काम नहीं मिल रहा है। बीडीओ राजेश्वर भाटिया ने आश्वासन दिया कि उन्हें जल्द  मनरेगा के तहत काम मिलेगा।

 

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