नए स्वरूप में नजर आएगा मनियाड़ा का ऐतिहासिक तालाब

करीब 24 पंचायतों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा कस्बा जुगेहड़ के मनियाड़ा का ऐतिहासिक तालाब जीर्णोद्धार के बाद नए स्वरूप में नजर आएगा।

JagranFri, 29 Oct 2021 05:37 AM (IST)
नए स्वरूप में नजर आएगा मनियाड़ा का ऐतिहासिक तालाब

शिवालिक नरयाल, भवारना

करीब 24 पंचायतों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा कस्बा जुगेहड़ के गांव मनियाड़ा का ऐतिहासिक तालाब जीर्णोद्धार के बाद नए स्वरूप में नजर आएगा। भले ही इस ओर प्रशासन की नजर देरी से पड़ी, लेकिन अब तालाब को संवारने का काम शुरू हो गया है। दैनिक जागरण की मुहिम रंग लाई है। ऐतिहासिक तालाब के जीर्णोद्धार के लिए मनरेगा सहित साढ़े सात लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। काम शुरू होने से लोगों में खुशी का माहौल है। मनियाड़ा कस्बा जुगेहड़ पंचायत के प्रधान पवन सूत का अपना वार्ड है। उनका सपना है कि उनके कार्यकाल में ही तालाब नए स्वरूप में लोगों को देखने को मिले। प्रधान पद पर न रहते हुए भी उन्होंने जनवरी 2018 में मुख्यमंत्री जयराम का खैरा के शिवनगर दौरे के दौरान तालाब की स्थिति से अवगत करवाया था। मुख्यमंत्री ने उस समय उनकी फाइल पर्यटन विभाग को प्रेषित की थी, लेकिन वहां से आगे नहीं बढ़ी। इस बार उन्होंने पंचायत प्रधान रहते फिर यह मुद्दा खंड विकास अधिकारी भवारना के समक्ष रखा। इसके बाद पुरानी धरोहर को संवारने के प्रयास शुरू हुए हैं।

तालाब का इतिहास व महत्व

स्थानीय लोग बताते हैं कि किसी समय तालाब के स्वच्छ पानी में धौलाधार पर्वत श्रृृंखला का पूरा प्रतिबिब दिखाई देता था जब हिमाचल और पंजाब इकट्ठे थे। उस समय के राज्यपाल आरएस रंधावा ने क्षेत्र का दौरा कर प्रतिबिब देखा था और इसे दुनिया के आठवें अजूबे का नाम दिया था। बताया जा रहा है कि तालाब करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। इसमें खजरुल कूहल का पानी महीने में आठ दिन छोड़ा जाता था। तालाब में गाद भरने के बाद इसमें पानी डालना बंद कर दिया। मनियाड़ा का तालाब प्राचीन व ऐतिहासिक है। सरकारी व प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह उपेक्षा का शिकार होता रहा। अब इसके जीर्णोद्धार की सार्थक पहल हुई है।

-देशराज तालाब के जीर्णोद्धार के बाद पर्यटन की दृष्टि से इसे विकसित करने की कवायद भी शुरू होनी चाहिए, ताकि आसपास के लोगों को सुविधा मिल सके और पंचायत की आय बढ़े।

-सुमेर सूद तालाब राजाओं के समय में बना है। इसे किसी राजा ने रानी के लिए बनवाया था। युवा पीढ़ी इस बात से अनभिज्ञ है। दैनिक जागरण की मुहिम से तालाब का जीर्णोद्धार होने जा रहा है।

-सुरेंद्र शर्मा सही रखरखाव न होने से मनियाड़ा का ऐतिहासिक तालाब अपनी पहचान खोने लगा था। इसका जीर्णोद्धार होने के बाद पर्यटन को भी पंख लगने की उम्मीद जगी है।

-रविद्र कुमार

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