रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए आधार कार्ड, कोविड रिपोर्ट और डाक्टर की पर्ची जरूरी, स्‍टॉक की जांच करेंगे अधिकारी

रेमडेसिविर इंजेक्शन तभी मिलेगा जब आधार कार्ड की कॉपी, कोविड रिपोर्ट और डाक्टर द्वारा पर्ची पर लिखा होगा।

Remdesivir Injection Stock रेमडेसिविर इंजेक्शन तभी मिलेगा जब आधार कार्ड की कॉपी कोविड रिपोर्ट और डाक्टर द्वारा पर्ची पर लिखा होगा। रेमडेसिविर की कालाबाजरी को रोकने के लिए इस तरह के निर्देश दिए गए हैं। चार दवा कंपनियां सिप्ला हेटरो डा. रेड्डीज और जुबिलेंट रेमडेसिवर का उत्पादन कर रही हैं।

Rajesh Kumar SharmaWed, 21 Apr 2021 09:33 AM (IST)

शिमला, यादवेन्द्र शर्मा। Remdesivir Injection Stock, रेमडेसिविर इंजेक्शन तभी मिलेगा जब आधार कार्ड की कॉपी, कोविड रिपोर्ट और डाक्टर द्वारा पर्ची पर लिखा होगा। रेमडेसिविर की कालाबाजरी को रोकने के लिए इस तरह के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में चार दवा कंपनियां सिप्ला, हेटरो, डा. रेड्डीज और जुबिलेंट रेमडेसिवर का उत्पादन कर रही हैं। केंद्र ने देश में कुल छह कंपनियों को इस इंजेक्शन के उत्पादन की अनुमति दी है। प्रदेश में चार कंपनियों को उत्पादन की अनुमति दी गई है और दवा नियंत्रक से लाइसेंस दिया गया है। प्रदेश में इन चार कंपिनयों के अलावा कोई भी अन्य दवा निर्माता कंपनी के पास रेमडेसिवर के उत्पादन का लाईसेंस नहीं है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन दवा विक्रेता बेच सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने स्टॉक की पूरी जानकारी के साथ जिस कोविड मरीज को बेचा है उसकी आधार कार्ड की कॉपी के अलावा, कोविड रिपोर्ट और डाक्टर की लिखी पर्ची रिकॉर्ड के तौर पर रखनी होगी। हालांकि अब यह अब खुले में नहीं मिल रही हैं, क्योंकि दवा विक्रेता खपत नहीं होने के कारण इसे नहीं मंगवा रहे। यह मेडिकल संस्थान में ही दी जा रही है। इसके स्टॉक को जांचने और कंपनियों से कहां-कहां रेमडेसिविर की सप्लाई हुई है और किसे बिक्री की जा रही है इस संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं।

अब 800 रुपये है कीमत

रेमडेसिविर इंजेक्शन पहले दो से अढ़ाई हजार रुपये में बेचा जा रहा था। इसके बाद इसकी कीमत 1100 रुपये हुई और अब 800 रुपये मेें उपलब्ध हो रहा है। प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्शन का प्रयोग किया जा रहा है और बहुत गंभीर मरीजों के लिए ही प्रयोग किया जा रहा है। रेमडेसिविर इंजेकशन की प्रदेश में कोई कमी नहीं है और अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों द्वारा जरुरत के आधार पर अपने स्तर पर इनकी खरीद की जा रही है।

क्‍या कहते हैं अधिकारी

दवा नियंत्रक हिमाचल प्रदेश नवनीत मरवाह का कहना है प्रदेश में चार कंपनियों को रेमडेसिविर इंजेक्शन के उत्पादन के लिए लाइसेंस दिए गए हैं। इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए सभी दवा निरीक्षकों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। रेमडेसिवर की काला बाजारी रोकने के लिए व्यवस्था की गई है कि आधार कार्ड, कोविड रिपोर्ट और डाक्टर की पर्ची पर ही दिया जा सकेगा। सरकारी क्षेत्र में कितनी मांग और कितनी खरीदी जा रही है, स्वास्थ्य निदेशक बता सकते हैं। स्वास्थ्य निदेशक हिमाचल प्रदेश बीबी कटोच का कहना है सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर की कितनी सप्लाई है इस संबंध में जानकारी नहीं है। दवा नियंत्रक या स्वास्थ्य सुरक्षा विनियमन इस संबंध में जानकारी दे सकते हैं।

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