प्रदेश में वन महोत्सव के दौरान रोपे गए 13 लाख पौधे

हिमाचल प्रदेश में इस बार वन महोत्सव के दौरान 12 दिन में 13. 81 लाख पौधे रोपे गए हैं। अभी पौधारोपण जारी रहेगा। दो दिन के विशेष अभियान में हजारों लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। कोरोना काल से पूर्व भी ऐसा अभियान पांच दिनों तक चलाया गया था।

Virender KumarSun, 01 Aug 2021 09:26 PM (IST)
प्रदेश में वन महोत्सव के दौरान रोपे गए 13 लाख पौधे। जागरण आर्काइव

शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश में इस बार वन महोत्सव के दौरान 12 दिन में 13. 81 लाख पौधे रोपे गए हैं। अभी पौधारोपण जारी रहेगा। दो दिन के विशेष अभियान में हजारों लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। कोरोना काल से पूर्व भी ऐसा अभियान पांच दिनों तक चलाया गया था, तब 25 लाख से अधिक पौधे रोपे गए थे। कोरोना के बावजूद इतनी संख्या में पौधे लगाने को वन विभाग बेशक बड़ी सफलता मान रहा हो, लेकिन असल चुनौती इन पौधों की देखभाल की है।

विशेष अभियान में रोपे पौधों की साइट की विभाग ने फैंङ्क्षसग की है, पर इसके बाहर रोपे पौधों की देखभाल आसान नहीं है। हालांकि विभाग का दावा है कि दो वर्ष पूर्व आंकी गई पौधों की जीवित प्रतिशतता दर 70 फीसद थी। पिछले साल का आंकड़ा अभी कंपाइल नहीं हुआ है।

पिछले साल रोपे थे एक करोड़ पौधे

पिछले 2020-21 वित्त वर्ष में 12 हजार हेक्टेयर में एक करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए। इस बार लक्ष्य एक करोड़़ 40 लाख है। इन्हें 14 हजार हेक्टेयर भूमि में रोपा जाएगा। पौधे वन विभाग की नर्सरियों में तैयार किए गए हैं। जलवायु के हिसाब से निचले क्षेत्रों में वट, पीपल, बरगद जैसे पौधे रोपे जा रहे हैं, जो ज्यादा आक्सीजन प्रदान करते हैं।

इस बार वन महोत्सव की शुरुआत कुल्लू के निरमंड में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की थी। दो दिन तक विशेष अभियान चलाया। इसमें लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। प्रदेश के हरित आवरण को 2024 तक 33 फीसद तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। अभी यह 27.72 फीसद है।

-डा. सविता, पीसीसीएफ

रोहल पंचायत में देवदार के 250 पौधे रोपे

वन मंडल रोहड़ू की ओर से छौहारा विकास खंड की रोहल पंचायत में देवदार के 250 पौधे रोपे गए। पौधारोपण रोहल बीट के वनरक्षक पवन देष्टा की अध्यक्षता में हुआ। इस दौरान स्थानीय देवता पवासी के पवित्र उत्पत्ति स्थल पोखरी व औषधीय पौध नर्सरी गार्डन के चारों ओर पौधे रोपे गए। इस मौके पर पंचायत रोहल के मंजवाडी वार्ड के सदस्य जीनू तनवार, जैव विविधता प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष कृपाल ङ्क्षसह, जायका कमेटी प्रधान मनोज मेहता, सचिव ललिल ङ्क्षजटा, एफआरसी कमेटी सचिव सन्नी मेहता, देवता पवासी के पुजारी मोहन लाल, बबली देवी, प्रदीप, दीप चंद, जंग बहादुर, पदम ङ्क्षसह, श्रुति, रूमाश कुमार, अनिल कुमार अनिल कुमार, सैनी बांशा, अंकित मौजूद रहे।

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