जंगलों को आग से बचाएंगे पंचायत प्रतिनिधि

जंगलों को आग से बचाएंगे पंचायत प्रतिनिधि

रणवीर ठाकुर हमीरपुर जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों से सहय

JagranFri, 02 Apr 2021 07:30 PM (IST)

रणवीर ठाकुर, हमीरपुर

जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग मांगा हैं। जिले की 248 पंचायतों व 1602 गांवों के पास स्थापित चीड़ के जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने पहल की है। इस बार महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूह भी बेहतर भूमिका में नजर आएं तो आग की घटनाओं को रोका जा सकता है। हमीरपुर जिले के भोरंज, बड़सर, सुजानपुर, नादौन, हमीरपुर के जंगलों में अब धीरे - धीरे आग लगने की घटनाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि आग लगने के दो कारण सामने आए हैं, जिनमें एक तो जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए वनों में घूम रहे शिकारी माचिस की जलती तिली सूखी घास आदि पर फेंक देते हैं, जबकि दूसरा कारण जंगलों के समीप बसे गांवों के लोग घास के चक्कर में चीड़ की पत्तियों व घासनियों में आग लगाने का काम करते हैं, जिससे आग भयंकर रूप धारण कर लेती हैं और जंगलों के पास बसे गांव भी संकट में आ जाते हैं।

हमीरपुर जिले की स्थिति यह है कि अभी तक भोरंज में अग्निशमन विभाग का केंद्र भी नहीं खुल पाया है। नादौन उपमंडल में दमकल विभाग के केंद्र के लिए जमीन विभाग के नाम हुई थी, लेकिन अभी तक केंद्र नहीं बन पाया है। यहां सड़क किनारे ही जंगल हैं और बडैहर क्षेत्र तक फैले हुए हैं। हमीरपुर, बिझड़ी व सुजानपुर के दमकल केंद्रों में स्टॉफ की कमी खल रही हैं, जोकि बड़ी परेशानी हैं। वन विभाग में तैनात फायर बॉउचर भी आग की घटनाओं के आगे कम पड़ गए हैं।

एक माह में आग की घटनाएं : हमीरपुर के जंगलों में आग लगने की एक माह में करीब 25 घटनाएं हो चुकी हैं। जिले में दुकान जलने की दो घटनाएं, हाउस फायर की एक घटना, गौशाला जलने की एक घटना भी हुई है। एक माह में कुल 33 लाख 38 हजार रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि अग्निशमन विभाग की ओर से किए गए प्रयास में सात करोड़ सात लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति को बचाया गया है। जिलेभर में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। जंगलों को आग से बचाने के लिए लोगों का सहयोग भी जरूरी है। वन विभाग भी पूरी तरह से मुस्तैद रहे।

राजिद्र चौधरी, जिला अग्निशमन केंद्र प्रभारी हमीरपुर ।

वन कर्मियों की छुट्टिंयां रद

फायर सीजन में वन कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी जाती हैं, ताकि आग लगने पर बीईओ, फायर बाउचर व वन रक्षक सहित सभी कर्मचारी मौके पर पहुंच सकें। इस बार पंचायत प्रतिनिधियों, युवक, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों से जंगलों को आग से बचाने के लिए सहयोग करने की अपील की गई है।

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